रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की पायलटिंग गाड़ी सड़क पर मवेशी से टकराने के बाद बड़ा हादसा टल गया। घटना सरगुजा में कार्यक्रम संपन्न होने के बाद वापसी के दौरान कटघोरा-बिलासपुर सीमा क्षेत्र के पास हुई। बैज ने घटना को लेकर प्रदेश की सड़कों पर मवेशियों की मौजूदगी और सड़क व्यवस्था पर सरकार को घेरा। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हुए दीप प्रज्ज्वलन, UPI के MDR, यूथ कांग्रेस चुनाव और परीक्षा संबंधी मुद्दों पर भी सरकार पर सवाल उठाए।

मवेशी से टकराई पायलटिंग गाड़ी, बाल-बाल बची बैज की कार
दीपक बैज के मुताबिक, सरगुजा में कार्यक्रम खत्म होने के बाद वे करीब 3 बजे वापस लौट रहे थे। कटघोरा और बिलासपुर की सीमा के आसपास सड़क पर जगह-जगह मवेशी बैठे और खड़े थे। इसी दौरान चार लेन सड़क पर एक मवेशी पायलटिंग गाड़ी से टकरा गया।
पायलटिंग गाड़ी के अचानक ब्रेक लगाने के बाद बैज की गाड़ी भी उससे टकराने से बाल-बाल बची। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को दूसरी ओर मोड़ दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
बैज ने आरोप लगाया कि खराब सड़कों और सड़कों पर मवेशियों के बैठे रहने से लगातार दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार मवेशियों को सड़कों से हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था करने में सक्षम नहीं है।
पीएम मोदी के जन्मदिन पर दीप जलाने को लेकर सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर छत्तीसगढ़ में हुए दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम को लेकर भी दीपक बैज ने सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में भाजपा की ओर से डेढ़ करोड़ से अधिक दीये जलाने की बात कही गई है।
बैज ने सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि एक तरफ बड़ी संख्या में दीयों में तेल जलाया गया, वहीं दूसरी तरफ गरीब बच्चों द्वारा जलते दीयों से तेल इकट्ठा करने के वीडियो सामने आए। उन्होंने इसे गरीबी और आर्थिक मजबूरी से जोड़ते हुए सरकार से सवाल किया।
बैज ने यह भी सवाल उठाया कि यदि कार्यक्रम सरकारी नहीं था तो इसमें सरकारी तंत्र, स्कूलों के बच्चों, शिक्षकों और अधिकारियों को क्यों लगाया गया। उन्होंने अनुमान लगाते हुए कहा कि यदि एक दीये में करीब 10 रुपये का तेल लगा हो तो डेढ़ करोड़ दीयों के लिए करीब 15 करोड़ रुपये के तेल का खर्च बैठता है। ये आंकड़े और आरोप बैज के बयान पर आधारित हैं।
UPI के 0.4% MDR पर सरकार से फैसला वापस लेने की मांग
UPI के नए MDR नियम को लेकर भी दीपक बैज ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बाद अब छोटे व्यापारियों और दुकानदारों पर शुल्क का बोझ डाला जा रहा है और सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
मौजूदा रिपोर्टों के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के पात्र Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन पर 0.4% तक MDR लागू होना है। 2,000 रुपये तक के मर्चेंट भुगतान और P2P लेनदेन पर यह MDR नहीं है। 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर अधिकतम MDR 300 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन की सीमा बताई गई है। यह शुल्क सीधे सामान्य ग्राहक से नहीं, बल्कि पात्र मर्चेंट पक्ष से जुड़ा है।
यूथ कांग्रेस चुनाव में फर्जी मतपत्र के आरोप पर बोले बैज
यूथ कांग्रेस चुनाव में फर्जी मतपत्र के आरोपों को लेकर दीपक बैज ने कहा कि उनके पास इस संबंध में कोई शिकायत नहीं आई है। उन्होंने कहा कि यूथ कांग्रेस का संगठनात्मक चुनाव अलग प्रक्रिया के तहत होता है और दिल्ली से चुनाव अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
बैज के अनुसार, इस चुनाव में प्रदेश कांग्रेस की प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। यदि किसी को चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत है तो वह संबंधित चुनाव अधिकारियों के सामने अपनी बात रख सकता है।
GST परीक्षा निरस्त होने पर भी सरकार को घेरा
GST विभाग की 2022 की विभागीय परीक्षा निरस्त किए जाने के मामले पर भी दीपक बैज ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा को शून्य घोषित करे या जांच कराए, यह उसका अधिकार है, लेकिन यदि किसी विभाग में पदोन्नति प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच की जानी चाहिए।
बैज ने इस मुद्दे को PSC से जुड़े विवाद से भी जोड़ते हुए सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि PSC मामले में इंटरव्यू स्थगित किया जाना भी सवाल खड़े करता है और सरकार को पूरे मामले की जांच करनी चाहिए। ये आरोप कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं; इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
कई मुद्दों पर सरकार को घेर रही कांग्रेस
दीपक बैज के बयान में सड़क सुरक्षा और मवेशियों से लेकर UPI MDR, दीप प्रज्ज्वलन, यूथ कांग्रेस चुनाव और परीक्षा प्रक्रिया तक कई मुद्दे शामिल रहे। इन मुद्दों पर कांग्रेस प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार से अलग-अलग सवाल उठा रही है, जबकि संबंधित सरकारी पक्ष का रुख इन आरोपों पर अलग हो सकता है।