September 23, 2026

रायपुर। अगर आपने अपने पहचान दस्तावेज का इस्तेमाल कर SIM कार्ड लिया है और उसे किसी दूसरे व्यक्ति को बेच दिया या किराये पर इस्तेमाल करने के लिए दे दिया है, तो सावधान हो जाएं। दूरसंचार विभाग ने मोबाइल यूजर्स को SIM और टेलीकॉम पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी को लेकर सख्त एडवाइजरी जारी की है।

विभाग के मुताबिक, फर्जी दस्तावेज से SIM लेना, किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल कर मोबाइल कनेक्शन हासिल करना या अपने नाम पर जारी SIM को किसी अन्य व्यक्ति को धोखाधड़ी के लिए उपलब्ध कराना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। वहीं मोबाइल के IMEI नंबर से छेड़छाड़ करने पर भी कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।

इन मामलों में 3 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान बताया गया है।

छत्तीसगढ़ में 410 से ज्यादा SIM के गलत इस्तेमाल का मामला

दूरसंचार विभाग की यह एडवाइजरी छत्तीसगढ़ में सामने आए एक बड़े साइबर फ्रॉड के मामले के बाद चर्चा में है। पिछले कुछ महीनों में 410 से ज्यादा लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनके नाम पर अतिरिक्त SIM जारी किए जाने का मामला सामने आया।

जांच में इन SIM का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किए जाने की बात सामने आई है।

मामले में पुलिस ने मध्य प्रदेश के मैहर निवासी रामकृष्ण कुशवाहा को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, वह करीब चार साल पहले रायपुर आया था और गुढ़ियारी क्षेत्र में रह रहा था।

बायोमेट्रिक से दो SIM जारी करने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने एक युवती से शादी की थी और उसके नाम से तीन कंपनियों की SIM बेचने का काम शुरू किया था।

आरोप है कि SIM लेने के लिए आने वाले ग्राहकों से बायोमेट्रिक मशीन पर दो बार अंगूठा लगवाकर दो SIM जारी किए जाते थे। इनमें से एक SIM ग्राहक को दिया जाता था, जबकि दूसरा कथित तौर पर आरोपी अपने पास रखता था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, इसी तरह 410 से अधिक SIM जारी किए गए और इनमें से कुछ SIM को गोवा में साइबर ठगों तक पहुंचाए जाने का आरोप है।

अपने नाम की SIM किसी दूसरे को न दें

दूरसंचार विभाग की एडवाइजरी का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि अपने पहचान दस्तावेज पर जारी मोबाइल कनेक्शन को किसी दूसरे व्यक्ति के इस्तेमाल के लिए देना जोखिम भरा हो सकता है।

अगर उस SIM का इस्तेमाल साइबर ठगी या किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में होता है, तो जांच में SIM जिस व्यक्ति के नाम पर जारी है, उसकी जानकारी भी सामने आ सकती है। इसलिए मोबाइल कनेक्शन और पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना जरूरी है।

एक व्यक्ति के नाम पर कितने SIM हो सकते हैं?

देश में सामान्य तौर पर एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन रख सकता है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर, असम और कुछ उत्तर-पूर्वी राज्यों में यह सीमा 6 कनेक्शन है।

सरकार ने मोबाइल कनेक्शनों की निगरानी को मजबूत करने के लिए डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म में भी नए प्रावधान जोड़े हैं। इसके जरिए तय सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन वाले मामलों की पहचान के लिए फोटो समेत अन्य विवरणों का मिलान किया जा सकेगा।

टेलीकॉम कंपनियों को सिस्टम जोड़ने की समयसीमा

नई व्यवस्था को लागू करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को अपने सिस्टम को सरकारी प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए 30 नवंबर 2026 तक का समय दिया गया है।

ऐसे में मोबाइल यूजर्स के लिए जरूरी है कि वे अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी समय-समय पर जांचें और किसी अनजान या अनधिकृत कनेक्शन की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग या सेवा प्रदाता को सूचित करें।

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