क्या हुआ?
छत्तीसगढ़ में पटवारियों से राजस्व निरीक्षक (Revenue Inspector) पद पर पदोन्नति के लिए आयोजित विभागीय परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी है।

अदालत का फैसला
- पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सिंगल बेंच और फिर डिवीजन बेंच ने परीक्षा निरस्त करने के आदेश को बरकरार रखा था।
- इसके बाद धनंजय सिंह समेत अन्य सफल अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की।
- मामले की सुनवाई जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने की।
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने का इच्छुक नहीं है और याचिका खारिज कर दी।
याचिकाकर्ताओं को क्या झटका लगा?
- सफल अभ्यर्थियों को यह लगातार तीसरा न्यायिक झटका माना जा रहा है।
- उन्हें पहले सिंगल बेंच, फिर डिवीजन बेंच और अब सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली।
फैसले का प्रभाव
- परीक्षा निरस्त करने संबंधी हाईकोर्ट का आदेश अब प्रभावी और अंतिम रूप से बरकरार है।
- राज्य सरकार के लिए नई विभागीय परीक्षा आयोजित करने का रास्ता साफ हो गया है।
- हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अपील दाखिल करने में हुई देरी को माफ कर दिया, लेकिन मामले के गुण-दोष पर हस्तक्षेप नहीं किया।
इस निर्णय के बाद राजस्व निरीक्षक पदोन्नति परीक्षा से जुड़े अभ्यर्थियों को आगे की प्रक्रिया के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी नए निर्देशों और संभावित नई परीक्षा अधिसूचना का इंतजार करना होगा।