रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। RDA जमीन विवाद, LPG और दूध की कीमतें, आयुष्मान योजना, नगर निगम में अधिकारियों और महापौर के बीच विवाद, महानदी जल विवाद और धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर उन्होंने सरकार से सवाल किए। इस दौरान बघेल ने वन मंत्री केदार कश्यप से जुड़े पुराने परीक्षा प्रकरण का भी जिक्र किया और RDA मामले को लेकर सवाल उठाए।

RDA जमीन विवाद पर केदार कश्यप को घेरा
RDA जमीन विवाद को लेकर भूपेश बघेल ने मंत्री केदार कश्यप पर निशाना साधा। उन्होंने कश्यप की पत्नी से जुड़े 2015 के परीक्षा प्रकरण का जिक्र करते हुए मौजूदा RDA विवाद पर सवाल उठाए।
उपलब्ध पुरानी रिपोर्टों के मुताबिक, 2015 में सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी की परीक्षा में कश्यप की पत्नी शांति कश्यप की जगह दूसरी महिला के कथित तौर पर परीक्षा देने का मामला सामने आया था। उस समय विश्वविद्यालय ने जांच शुरू की थी और कश्यप ने आरोपों से इनकार किया था।
बघेल ने इसी पुराने मामले का हवाला देते हुए RDA जमीन विवाद को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने इस दौरान कश्यप पर कई राजनीतिक आरोप भी लगाए। इन आरोपों पर कश्यप या सरकार की ओर से इस बयान के संदर्भ में विस्तृत प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
LPG और दूध के दामों को लेकर महंगाई पर निशाना
बघेल ने LPG और दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में महंगाई का असर और बढ़ सकता है।
उन्होंने सरकार पर महंगाई को नियंत्रित करने के बजाय लोगों को सलाह देने का आरोप लगाया। हालांकि, कीमतों में बदलाव और उसके कारणों को लेकर बघेल की टिप्पणी को उनके राजनीतिक बयान के तौर पर देखा जाना चाहिए।
आयुष्मान योजना में कार्रवाई पर सरकार से सवाल
आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों पर हो रही कार्रवाई को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार से सवाल किए। उनका कहना था कि यदि अस्पतालों में अनियमितताएं या लापरवाही हो रही थी तो सरकार ने पहले कार्रवाई क्यों नहीं की।
बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार के लोग अपने विभागों पर ध्यान देने के बजाय दूसरे मामलों में ज्यादा व्यस्त हैं। इस दौरान उन्होंने सरकार और उसके मंत्रियों पर व्यक्तिगत आरोप भी लगाए।
नगर निगम विवाद पर बोले- ‘यही सरकार का सुशासन है’
नगर निगम में अधिकारियों और महापौर के बीच चल रहे विवाद को लेकर बघेल ने सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति को ही सरकार का सुशासन बताया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नेताओं की कमजोरी का फायदा उठाए जाने के कारण प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच इस तरह का विवाद सामने आया है। हालांकि, निगम से जुड़े विवाद में संबंधित अधिकारियों और महापौर का पक्ष इस बयान में शामिल नहीं है।
महानदी जल विवाद पर छत्तीसगढ़ के हित में फैसला कराने की मांग
महानदी जल विवाद को लेकर होने वाली बैठक पर भूपेश बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ के हित में फैसला कराने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महानदी से जुड़े कई प्रोजेक्ट प्रभावित हैं और गर्मी के दौरान जगदलपुर समेत कई क्षेत्रों के लिए जल संसाधन का महत्व है।
हाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों के बीच महानदी विवाद को लेकर बैठक भी हुई थी। दोनों राज्यों ने यह रुख रखा था कि व्यापक हित में होने वाले निर्णय को स्वीकार किया जाएगा।
धर्मांतरण के मुद्दे पर सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग
धर्मांतरण को लेकर साहू समाज की ओर से जताई जा रही चिंता पर भी बघेल ने सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल गंभीरता जताने से समस्या का समाधान नहीं होगा और सरकार को कानून के तहत कार्रवाई करनी चाहिए।
बघेल ने इस दौरान सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि उसके कदम इतने ठोस हैं कि उठ ही नहीं रहे हैं। यह टिप्पणी भी उन्होंने राजनीतिक आरोप के तौर पर की।
कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश
RDA जमीन विवाद से लेकर महंगाई, आयुष्मान योजना, नगर निगम विवाद, महानदी जल विवाद और धर्मांतरण तक भूपेश बघेल ने अलग-अलग मुद्दों पर सरकार को घेरा। वहीं, उनके कई आरोप राजनीतिक दावों पर आधारित हैं और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।