June 17, 2026

क्या मामला है?

  • लोक निर्माण विभाग (PWD) के अंतर्गत मोतिपुर (अमरटापू) मंदिर के दोनों ओर पहुंच मार्ग निर्माण परियोजना में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
  • सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में निर्माणाधीन स्लैब के गिरने का दावा किया जा रहा है।
  • परियोजना लगभग 1.10 किलोमीटर लंबी बताई गई है और इसका कार्यादेश 12 नवंबर 2024 को जारी हुआ था।
  • निर्माण एजेंसी के रूप में कांति कंस्ट्रक्शन, मुंगेली का नाम सामने आया है।

विवाद क्यों बढ़ा?

  • वायरल वीडियो के बाद निर्माण गुणवत्ता और विभागीय निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।
  • स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जा रहा है कि घटना के बाद स्थिति को सामान्य दिखाने का प्रयास किया गया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
  • लोगों के मन में सवाल हैं कि यदि निर्माण मानकों का पालन हुआ था तो स्लैब क्यों गिरा।

विभाग का पक्ष

  • कार्यपालन अभियंता (EE) एस.के. सतपति के अनुसार घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
  • संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है।
  • क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं।

उठ रहे प्रमुख सवाल

  1. क्या निर्माण सामग्री की गुणवत्ता में कमी थी?
  2. क्या तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया?
  3. क्या निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण में लापरवाही हुई?
  4. यदि घटना गंभीर थी तो इसकी सार्वजनिक जानकारी तुरंत क्यों नहीं दी गई?

भ्रष्टाचार के आरोप

  • कुछ स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संभावित भ्रष्टाचार की आशंका जताई है।
  • हालांकि अभी तक किसी भी भ्रष्टाचार के आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

राजनीतिक महत्व

  • मामला प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं PWD मंत्री Arun Sao के गृह जिले से जुड़ा बताया जा रहा है।
  • इसलिए विभाग की जवाबदेही और कार्रवाई पर विशेष नजर बनी हुई है।

आगे की मांग

  • स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की जा रही है।
  • निर्माण सामग्री, डिजाइन, स्वीकृतियों और निर्माण प्रक्रिया की जांच की मांग उठी है।
  • दोषी पाए जाने पर अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।

महत्वपूर्ण: उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्लैब गिरने की घटना और उससे जुड़े कई दावे अभी आरोप या दावे के स्तर पर हैं। किसी भी तकनीकी खामी, भ्रष्टाचार या जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष केवल आधिकारिक जांच रिपोर्ट के बाद ही निकाला जा सकता है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *