बालाघाट: जिले के भरवेली थाना क्षेत्र के रट्टा गांव में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए करीब 5 एकड़ शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। आरोप है कि दमाहे परिवार ने कई वर्षों से इस जमीन पर कब्जा कर रखा था। ग्रामीणों ने परिवार पर अवैध उत्खनन और दबंगई के जरिए गांव में विवाद करने के आरोप भी लगाए हैं।

जानकारी के मुताबिक, रट्टा गांव में दमाहे परिवार को लेकर लंबे समय से ग्रामीणों में नाराजगी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि परिवार के लोग गिट्टी, मुरुम और रेत का अवैध उत्खनन करते थे। इसके साथ ही आए दिन ग्रामीणों से मारपीट और विवाद की घटनाएं भी होती थीं।
28 सितंबर की मारपीट के बाद गांव में हुआ था बवाल
ग्रामीणों के मुताबिक, 28 सितंबर को दमाहे परिवार के लोगों पर एक व्यक्ति के साथ मारपीट का आरोप लगा था। इस घटना के बाद गांव में विवाद बढ़ गया था। उस दौरान सरपंच समेत 10 से अधिक लोग घायल हुए थे। घटना के बाद से ही परिवार प्रशासन के निशाने पर बताया जा रहा था।
शिकायत के बाद दल-बल के साथ पहुंचा प्रशासन
ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासनिक अमला पुलिस बल के साथ रट्टा गांव पहुंचा। यहां कई वर्षों से कब्जे में बताई जा रही करीब 5 एकड़ शासकीय भूमि को मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
प्रशासन अब दमाहे परिवार की अन्य गतिविधियों और कथित कार्यप्रणाली की भी जांच कर रहा है। हालांकि, अवैध उत्खनन और दबंगई से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।