कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर पर सियासी बयानबाजी
- Indian National Congress का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ है।
- Arun Sao ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं के बीच आंतरिक कलह है और प्रशिक्षण शिविर से पार्टी को कोई लाभ नहीं होगा।
- इसके जवाब में Deepak Baij ने कहा कि यदि अरुण साव एक घंटे का प्रशिक्षण ले लें तो वे भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आ जाएंगे।
- बैज ने यह भी आरोप लगाया कि सबसे अधिक भ्रष्टाचार अरुण साव के विभाग में हो रहा है और मुख्यमंत्री निवास की हालिया बैठक में वे सबसे ज्यादा निशाने पर थे।

सहयोग राशि और प्रशिक्षण शिविर विवाद
- भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रशिक्षण शिविर के लिए जिलाध्यक्षों से सहयोग राशि ले रही है।
- दीपक बैज ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यदि भाजपा के पास कोई प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक करे।
राहुल गांधी और पुरंदर मिश्रा विवाद
- भाजपा विधायक Purandar Mishra द्वारा Rahul Gandhi पर की गई टिप्पणी पर बैज ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
- बैज ने कहा कि पुरंदर मिश्रा को भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए और उनके बयान अनुचित हैं।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
- अरुण साव ने बताया कि International Day of Yoga के अवसर पर प्रदेशभर में कार्यक्रम आयोजित होंगे।
- मंत्री, सांसद और विधायक सामूहिक योग कार्यक्रमों में भाग लेंगे तथा योग के महत्व का प्रचार करेंगे।
‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान
- अरुण साव के अनुसार राज्य सरकार का ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान 31 सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
- दीपक बैज ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि राज्य में अपराध, बेरोजगारी और अन्य समस्याएं बढ़ रही हैं, इसलिए सरकार के दावों और जमीनी स्थिति में अंतर है।
मंत्रियों का प्रशिक्षण शिविर
- 4 और 5 जुलाई को Indian Institute of Management Raipur में मंत्रियों के लिए चिंतन एवं प्रशिक्षण शिविर प्रस्तावित है।
- अरुण साव ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविरों से सुशासन और प्रशासनिक क्षमता में सुधार होता है।
- दीपक बैज ने इस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार का अधिकांश कार्यकाल बीत चुका है और अब प्रशिक्षण से अधिक जवाबदेही की आवश्यकता है।
मुख्य निष्कर्ष
यह पूरा घटनाक्रम कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर, राहुल गांधी के प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे, योग दिवस कार्यक्रम, ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान और मंत्रियों के प्रशिक्षण शिविर को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच चल रही तीखी राजनीतिक बयानबाजी पर केंद्रित है। दोनों दल एक-दूसरे के नेतृत्व, कार्यशैली और शासन को लेकर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं।