June 17, 2026

Bastar में बदलाव की एक नई तस्वीर सामने आई है। लंबे समय तक नक्सल हिंसा और विकास की कमी से जूझने वाले इस क्षेत्र में अब रेल कनेक्टिविटी उम्मीद का नया प्रतीक बन रही है। हाल ही में Rowghat तक ट्रेन पहुंचने के बाद कई पूर्व नक्सलियों ने पहली बार रेल यात्रा का अनुभव किया।

यह रेल परियोजना सिर्फ परिवहन का साधन नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा से जुड़ी नई संभावनाओं के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जिन इलाकों तक पहुंचना बेहद कठिन था, वहां अब आवागमन आसान हो रहा है।

Indian Railways की इस पहल से आसपास के गांवों में बाजार और रोज़गार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। कई पूर्व नक्सलियों ने बताया कि उन्होंने पहले केवल ट्रेन के बारे में सुना था, लेकिन अब खुद सफर कर मुख्यधारा से जुड़ने का एहसास हो रहा है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि बस्तर में सड़क और रेल जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास बहाली और सामाजिक बदलाव का बड़ा माध्यम बन सकता है। रेल लाइन के जरिए खनिज क्षेत्र Rowghat Mines को भी नई आर्थिक गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।

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