जिला। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. शोभा पटेल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। 20 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद अब उनके कार्यकाल से जुड़ी एक और वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। विभागीय जांच रिपोर्ट के अनुसार, मृत कर्मचारी के नाम पर कई महीनों तक वेतन का भुगतान जारी रहा। मामले में डॉ. शोभा पटेल को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

कर्मचारी की मौत के बाद भी अक्टूबर तक जारी रहा वेतन
विभागीय जांच रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग में स्वीपर के पद पर कार्यरत सुमित्रा बाई की मृत्यु 18 जनवरी 2025 को हो गई थी। इसके बावजूद उनके नाम पर अक्टूबर 2025 तक हर महीने 14,844 रुपये वेतन दिए जाने का मामला सामने आया है।
रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारी की मृत्यु के बाद भी करीब नौ महीने तक वेतन भुगतान जारी रहा। इससे सरकारी धन के भुगतान की प्रक्रिया और संबंधित रिकॉर्ड की निगरानी पर सवाल खड़े हुए हैं।
विभागीय जांच में वित्तीय अनियमितता का उल्लेख
जांच रिपोर्ट में इस मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता और पद के दुरुपयोग से जुड़ा बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, तत्कालीन CMHO डॉ. शोभा पटेल को इस प्रकरण के लिए जिम्मेदार माना गया है।
हालांकि, मामले से जुड़े सभी तथ्यों, भुगतान प्रक्रिया और जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण आधिकारिक दस्तावेजों तथा संबंधित कार्रवाई के आधार पर किया जाना होगा।
डॉ. शोभा पटेल निलंबित
मामले में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने के बाद शासन की ओर से डॉ. शोभा पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की जानकारी दी गई है। निलंबन की कार्रवाई के साथ ही स्वास्थ्य विभाग में वेतन भुगतान और कर्मचारी संबंधी रिकॉर्ड की प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं।
अब इस मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई और उपलब्ध दस्तावेजों के सत्यापन से यह स्पष्ट हो सकेगा कि मृत कर्मचारी के नाम पर भुगतान किस प्रक्रिया के तहत जारी रहा और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार था।