बालाघाट/भोपाल। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज मध्य प्रदेश के बालाघाट पहुंचे, जहां उन्होंने बैहर विधानसभा क्षेत्र के जगला गांव में बैगा आदिवासी परिवारों से मुलाकात की। राहुल गांधी करीब 30 मिनट तक पीड़ित परिवारों के बीच रहे और उनकी समस्याएं सुनीं। परिवारों ने बच्चों की मौत, मुआवजा नहीं मिलने और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं रखीं। राहुल गांधी ने इन मुद्दों को लोकसभा में उठाने और कांग्रेस की सरकार बनने पर समस्याओं के समाधान के लिए काम करने का आश्वासन दिया।

राहुल गांधी के इस दौरे के बाद प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने उनके दौरे को राजनीतिक पर्यटन बताते हुए कांग्रेस के पुराने शासनकाल पर सवाल उठाए, जबकि कांग्रेस ने भाजपा के बयानों पर पलटवार किया।
जगला गांव में बैगा आदिवासी परिवारों से मिले राहुल गांधी
राहुल गांधी बैहर विधानसभा क्षेत्र के जगला गांव पहुंचे और जमीन पर बैठकर बैगा आदिवासी परिवारों से बातचीत की। उन्होंने उन परिवारों से मुलाकात की, जिनके बच्चों की मौत हुई थी और जिन्हें कथित तौर पर मुआवजा नहीं मिला। इस दौरान उन्होंने एक आदिवासी बच्चे को गोद में लेकर परिवारों की समस्याएं भी सुनीं।
राहुल गांधी ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। उन्होंने जमीन के अधिकार, वन पट्टों और मुआवजे से जुड़े मुद्दों को भी उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास की बात करती है, लेकिन आदिवासी परिवारों को जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को इन क्षेत्रों में स्कूल, अस्पताल और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए।
राहुल गांधी बोले- आदिवासियों के मुद्दे लोकसभा में उठाऊंगा
बैगा आदिवासी परिवारों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि बच्चों की मौत के मामलों में परिवारों को मुआवजा नहीं मिलना गंभीर विषय है। उन्होंने वन अधिकार कानून के क्रियान्वयन और आदिवासी परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने की जरूरत पर जोर दिया।
राहुल गांधी ने कहा कि अलग-अलग सरकारी योजनाओं के तहत लाभ मिलने में आ रही समस्याओं को दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस की सरकार बनने पर आदिवासी परिवारों की मदद की जाएगी और उनके मुद्दों को लोकसभा में उठाया जाएगा।
उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और जमीन के अधिकार से जुड़े मुद्दों पर सरकार को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने राहुल के दौरे पर उठाए सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने राहुल गांधी के बालाघाट दौरे पर तंज कसते हुए नक्सलवाद के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि बालाघाट में नक्सलवाद किसके शासनकाल में फैला और राहुल गांधी लखीीराम कावरे हत्याकांड के पीड़ित परिवारों से मिलने क्यों नहीं गए।
खंडेलवाल ने दावा किया कि नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुई। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि बालाघाट की पिछड़ी स्थिति के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राहुल गांधी के दौरे के उद्देश्य और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर भी सवाल खड़े किए।
कांग्रेस का पलटवार- राहुल गांधी के नाम से भाजपा को परेशानी
भाजपा नेताओं के बयानों पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को राहुल गांधी का नाम लिए बिना चैन नहीं मिलता।
अग्रवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा राहुल गांधी के बयानों से असहज है। उनके मुताबिक, राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं और लोगों का समर्थन हासिल कर रहे हैं। कांग्रेस ने कहा कि आदिवासी परिवारों की समस्याओं को राजनीतिक बयानबाजी के बजाय गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने दौरे को बताया राजनीतिक पर्यटन
मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने राहुल गांधी के बालाघाट दौरे को ‘पॉलिटिकल टूरिज्म’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी घटना के करीब तीन महीने बाद पहुंचे और उन्होंने स्थानीय परिस्थितियों की पूरी जानकारी के बिना सरकार पर सवाल उठाए।
शुक्ला ने कांग्रेस के पुराने शासनकाल में नक्सलवाद के विस्तार का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों ने नक्सलवाद समाप्त करने तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रयास किए हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री जनमन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि बैगा, भारिया और सहरिया जैसे विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उनके मुताबिक, दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क, आंगनवाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर भी काम हो रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि राहुल गांधी को इन परिवारों की समस्याओं की चिंता थी, तो उन्हें घटना के तुरंत बाद वहां पहुंचना चाहिए था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी को स्थानीय कांग्रेस नेताओं से अधूरी जानकारी मिली है।
शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने भी साधा निशाना
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने भी राहुल गांधी के दौरे की आलोचना की। उन्होंने इसे राजनीतिक पर्यटन बताते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी बालाघाट में केवल कमियां निकालने पहुंचे थे।
मंत्री के अनुसार, राहुल गांधी माटे गांव के एक स्कूल में गए, जहां उन्हें बेहतर व्यवस्था, पढ़ते हुए बच्चे और शिक्षक दिखाई दिए, लेकिन उन्होंने स्कूल की व्यवस्था की प्रशंसा नहीं की।
राव उदय प्रताप सिंह ने लाड़ली बहना योजना और राज्य में विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के पुराने शासनकाल पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में विकास कार्य किए जा रहे हैं, जबकि कांग्रेस इनकी आलोचना करती है।
आदिवासी परिवारों की समस्याओं पर सियासी बहस तेज
राहुल गांधी के बालाघाट दौरे के बाद बच्चों की मौत, मुआवजे, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और आदिवासी अधिकारों के मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गए हैं। कांग्रेस ने इन समस्याओं को लोकसभा में उठाने की बात कही है, जबकि भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के दौरे और कांग्रेस के शासनकाल पर सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि, पीड़ित परिवारों की समस्याओं, मुआवजे की स्थिति और संबंधित मामलों में प्रशासनिक जिम्मेदारी से जुड़े तथ्यों की पुष्टि आधिकारिक रिकॉर्ड और संबंधित विभागों की जानकारी से ही हो सकेगी।