September 21, 2026

रायपुर। अगर आपका मकान रिहायशी उपयोग के लिए स्वीकृत है, लेकिन नीचे शटर लगाकर दुकान, कोचिंग सेंटर, क्लिनिक या ऑफिस संचालित किया जा रहा है, तो नगर निगम की कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। रायपुर नगर निगम ने रिहायशी परिसरों में बिना अनुमति चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक, शहर के 70 वार्डों में 12 हजार से अधिक आवासीय परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की जानकारी सामने आई है।

निगम का दावा है कि इन गतिविधियों के चलते संपत्ति कर के रूप में हर साल करीब 4 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। अब निगम दस्तावेजों और मौके पर संचालित गतिविधियों का मिलान कर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

कोर्ट के निर्देश के बाद निगम की कार्रवाई तेज

रिहायशी परिसरों में अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के मामले में अदालतों के निर्देशों के बाद नगर निगम ने जांच और कार्रवाई तेज की है। निगम की ओर से यह देखा जा रहा है कि किन मकानों, फ्लैट्स और आवासीय परिसरों में स्वीकृत उपयोग के विपरीत दुकान, ऑफिस, कोचिंग सेंटर, गेस्ट हाउस या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संपत्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

12 हजार से ज्यादा आवासीय परिसरों पर नजर

नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, रायपुर के 70 वार्डों में 12 हजार से ज्यादा आवासीय परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की जानकारी है। निगम का कहना है कि रिहायशी संपत्ति और उसके वास्तविक उपयोग के बीच अंतर पाए जाने पर संबंधित संपत्ति का परीक्षण किया जा रहा है।

निगम के अनुसार, आवासीय उपयोग के लिए निर्धारित संपत्ति से व्यावसायिक गतिविधि संचालित होने पर संपत्ति कर की गणना और अन्य नियमों का भी उल्लंघन हो सकता है।

रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों से बढ़ती हैं ये दिक्कतें

निगम का कहना है कि घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों में अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के कारण यातायात, पार्किंग और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। कुछ गतिविधियों में भीड़ बढ़ने के साथ सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्था को लेकर भी चुनौती पैदा हो सकती है।

खास तौर पर गोदाम, वर्कशॉप या अधिक भीड़ वाली व्यावसायिक गतिविधियां रिहायशी क्षेत्रों में संचालित होने पर सुरक्षा संबंधी सवाल खड़े हो सकते हैं।

अशोका रतन के सामने कॉम्प्लेक्स पर हुई सीलिंग कार्रवाई

नगर निगम ने कार्रवाई की शुरुआत भी कर दी है। जोन-9 की टीम ने अशोका रतन के सामने रिहायशी क्षेत्र में बिना अनुमति संचालित किए जा रहे एक व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स को सील किया है।

टीएनसी आभाष मिश्रा के मुताबिक, मास्टर प्लान और भूमि विकास नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वालों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों और लागू नियमों के अनुसार की जा रही है।

बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियों पर होगी कार्रवाई

रिहायशी क्षेत्र में किसी भी व्यावसायिक गतिविधि के संचालन के लिए संबंधित भूमि उपयोग, भवन स्वीकृति और लागू नियमों का पालन जरूरी है। केवल मकान में शटर लगाकर दुकान या ऑफिस शुरू कर देना अपने आप में व्यावसायिक उपयोग की वैध अनुमति नहीं माना जाता।

ऐसे में जिन संपत्तियों में स्वीकृत नक्शे या भूमि उपयोग के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, उनके खिलाफ नगर निगम की जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है।

फिलहाल निगम की कार्रवाई शुरू होने के बाद रिहायशी इलाकों में संचालित दुकानों, कार्यालयों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर संबंधित संपत्ति मालिकों की चिंता बढ़ गई है।

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