धार। मध्य प्रदेश के धार जिले के कुक्षी-डही क्षेत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित दौरे और लोकार्पण से पहले टंट्या मामा डही माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना की पाइपलाइन फूटने का मामला सामने आया है। करीब 1324 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस परियोजना की टेस्टिंग के दौरान डही क्षेत्र के सुरानी गांव में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इससे बड़ी मात्रा में पानी बह निकला और आसपास के कई खेत जलमग्न हो गए।

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी है। निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा ने पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की वजह बताते हुए कहा कि उसके ऊपर चल रहे निर्माण कार्य के दबाव से लाइन को नुकसान पहुंचा।
टेस्टिंग के दौरान फूटी पाइपलाइन, खेतों में घुसा पानी
टंट्या मामा डही माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का फिलहाल टेस्टिंग ट्रायल चल रहा है। इसी दौरान सुरानी गांव में मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई और पानी तेज बहाव के साथ बाहर निकलने लगा। देखते ही देखते आसपास के कई खेतों में पानी भर गया।
क्षेत्र में अल्प वर्षा के चलते किसान पहले से ही पानी की कमी का सामना कर रहे हैं। ऐसे में परियोजना के लोकार्पण से पहले हुई इस घटना ने ग्रामीणों की चिंता और नाराजगी बढ़ा दी है।
कलेक्टर बोले- पाइपलाइन के ऊपर निर्माण से हुआ नुकसान
धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा ने बताया कि परियोजना की टेस्टिंग यह सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है कि नर्मदा नदी का पानी निर्धारित क्षेत्र तक बिना रुकावट पहुंच सके।
कलेक्टर के अनुसार, सुरानी गांव में मुख्य पाइपलाइन के ठीक ऊपर एक स्थानीय ग्रामीण द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा था। निर्माण के दबाव के कारण जमीन के नीचे दबी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई और पानी बाहर निकल आया।
126 गांवों की 47 हजार हेक्टेयर भूमि को मिलेगा सिंचाई का पानी
टंट्या मामा डही माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का उद्देश्य नर्मदा नदी के पानी से क्षेत्र की कृषि भूमि की सिंचाई करना है। इस परियोजना से 126 गांवों की लगभग 47 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
ऐसे में परियोजना की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की घटना के बाद मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है।
निर्माण एजेंसी को मरम्मत की जिम्मेदारी
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि टेस्टिंग अवधि के दौरान होने वाले नुकसान की मरम्मत की पूरी जिम्मेदारी संबंधित निर्माण एजेंसी की होगी। प्रशासन ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
एसडीएम और एनवीडीए अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश
प्रशासन की ओर से एसडीएम और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परियोजना की टेस्टिंग दोबारा सुचारु रूप से की जा सके।
पाइपलाइन के रास्ते में निर्माण पर रोक लगाने के निर्देश
प्रशासन ने पाइपलाइन के मार्ग पर नए अवैध निर्माणों को रोकने और भविष्य में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि मुख्य पाइपलाइन वाले रास्तों पर निर्माण कार्य करते समय विशेष सावधानी बरतें, ताकि सरकारी संपत्ति और परियोजना को नुकसान न पहुंचे।