September 13, 2026

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान शिक्षा बोर्ड (PGMEB) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सिम्स के 19 स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों के नवीनीकरण को अस्थायी स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही MD और MS पाठ्यक्रमों की कुल 91 सीटों पर प्रवेश की अनुमति मिली है।

MD के 14 और MS के 5 पाठ्यक्रमों को मंजूरी

NMC की स्वीकृति के अनुसार, सिम्स में MD के 14 पाठ्यक्रमों में 69 सीटें और MS के 5 पाठ्यक्रमों में 22 सीटें शामिल हैं। इस तरह विभिन्न विशेषज्ञताओं में कुल 91 PG सीटों पर प्रवेश का रास्ता साफ हुआ है।

MD पाठ्यक्रमों में सीटों का विवरण

  • सामुदायिक चिकित्सा – 5 सीट
  • फॉरेंसिक मेडिसिन – 2 सीट
  • एनाटॉमी – 3 सीट
  • बायोकेमिस्ट्री – 4 सीट
  • फार्माकोलॉजी – 5 सीट
  • माइक्रोबायोलॉजी – 5 सीट
  • पीडियाट्रिक्स – 6 सीट
  • एनेस्थीसियोलॉजी – 8 सीट
  • त्वचा रोग – 3 सीट
  • जनरल मेडिसिन – 8 सीट
  • मनोचिकित्सा – 3 सीट
  • पैथोलॉजी – 9 सीट
  • रेडियो डायग्नोसिस – 3 सीट
  • रेस्पिरेटरी मेडिसिन – 2 सीट

कुल: 69 सीटें

MS पाठ्यक्रमों में सीटों का विवरण

  • ईएनटी – 4 सीट
  • नेत्र रोग – 3 सीट
  • प्रसूति एवं स्त्री रोग – 6 सीट
  • ऑर्थोपेडिक्स – 6 सीट
  • जनरल सर्जरी – 6 सीट

कुल: 22 सीटें

विद्यार्थियों को मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण का अवसर

सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए PG पाठ्यक्रमों के नवीनीकरण की अनुमति मिलना संस्थान के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने इसे पीजी विद्यार्थियों, शिक्षकों और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े सभी लोगों के लिए उत्साहवर्धक उपलब्धि बताया।

उनके अनुसार, MD और MS पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अनुमति संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशिक्षण व्यवस्था और चिकित्सा शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इससे विद्यार्थियों को बेहतर व्यावहारिक और चिकित्सकीय प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे।

प्रदेश को मिलेंगे विशेषज्ञ चिकित्सक

सिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने भी इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि PG पाठ्यक्रमों के नवीनीकरण की अनुमति संस्थान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं में PG सीटों की उपलब्धता बढ़ने से आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को अलग-अलग क्षेत्रों में प्रशिक्षित और विशेषज्ञ चिकित्सक मिलने की उम्मीद है। इससे प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

MARB की अनुमति के अनुसार ही मान्य होंगी सीटें

हालांकि, NMC के स्वीकृति पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि वास्तविक सीटों की संख्या मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) द्वारा अनुमत संख्या के अनुसार ही मान्य होगी। यानी अंतिम रूप से मान्य सीटों की संख्या MARB की अनुमति और निर्धारित मानकों के अनुरूप होगी।

NMC की यह अस्थायी स्वीकृति सिम्स बिलासपुर में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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