मुख्य बातें
- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सार्वजनिक सड़कों पर जन्मदिन, केक कटिंग और वाहन काफिलों के जरिए सड़क जाम करने की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की है।
- अदालत ने कहा कि उसके पूर्व निर्देशों के बावजूद ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं, जिससे राज्य सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े होते हैं।
- फरवरी 2025 में रायपुर में सड़क जाम कर जन्मदिन मनाने की घटना पर कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बाद भी ऐसे कई मामले सामने आए।
- सुनवाई के दौरान रमेश सिन्हा की पीठ ने राज्य के अधिवक्ता से कहा कि प्रशासन इन घटनाओं को रोकने में असफल दिखाई दे रहा है।

कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
- मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यदि स्थिति नहीं सुधरती है, तो संबंधित व्यक्तियों को पक्षकार बनाकर अदालत के आदेशों की अवमानना (Contempt of Court) की कार्यवाही शुरू करनी पड़ सकती है।
- कोर्ट के अनुसार सार्वजनिक सड़कों पर इस प्रकार के आयोजन:
- यातायात बाधित करते हैं,
- आम नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन करते हैं,
- और कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देते हैं।
- अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि कई मामलों में आरोपी मामूली जुर्माना भरकर बच निकलते हैं, जिससे निवारक प्रभाव नहीं पड़ता।
उल्लेखित मामला
- कुछ समय पहले श्याम बिहारी जायसवाल के निजी सहायक राजेंद्र दास की पत्नी का जन्मदिन सड़क पर मनाने का मामला भी अदालत के संज्ञान में आया था, जिस पर कोर्ट ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।
कानूनी संदेश
अदालत का संकेत है कि सड़क पर जन्मदिन, जुलूस या निजी उत्सव के नाम पर सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करना केवल यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना भी माना जा सकता है। यदि ऐसे मामलों पर रोक नहीं लगी, तो भविष्य में संबंधित लोगों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही भी हो सकती है।
संक्षेप में, हाईकोर्ट ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सार्वजनिक सड़कें निजी समारोहों के लिए नहीं हैं और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ अब अधिक कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है।