September 13, 2026

रायपुर। बिलासपुर में हुई हिंसा को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने गृह मंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब गृह मंत्रालय और उनका अपना जिला ही नहीं संभल रहा है, तो इससे उनकी क्षमता पर सवाल उठते हैं। बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार केवल वसूली में लगी हुई है और प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई नहीं हो रही।

भूपेश बघेल ने कहा, “इसका मतलब यह है कि गृह मंत्री अक्षम हैं। गृह मंत्रालय नहीं संभल रहा है, अपना जिला नहीं संभल रहा है। स्थिति लाचार और खराब है। ये सिर्फ वसूली में लगे हैं।”

उन्होंने कहा कि किसी पर आरोप लगाना आसान है, लेकिन वास्तविक कार्रवाई करना अलग बात है। बघेल ने आरोप लगाया कि आरएसएस से जुड़े लोगों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है, इसलिए केवल आरोप-प्रत्यारोप किए जा रहे हैं।

बिलासपुर में शुक्रवार रात बिगड़े थे हालात

बिलासपुर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात दो पक्षों के बीच विवाद के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी की बात सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इसके बाद पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। कई गाड़ियों, घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचा।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। पथराव में तारबाहर टीआई रवि तिवारी के सिर में चोट लगी, जबकि एक आरक्षक समेत कई लोग घायल हुए।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह हेलमेट पहनकर मौके पर पहुंचे। जांजगीर-चांपा, मुंगेली और सीएएफ से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। तड़के करीब 4 बजे तक थाने और आसपास के इलाकों में भीड़ जुटी रही।

पुलिस उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी और ड्रोन फुटेज खंगाल रही है। दोनों पक्षों के नामजद लोगों समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ बलवा, धारा 307 और धारा 191 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। सिटी कोतवाली क्षेत्र में धारा 144 लागू है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस और प्रशासन की ओर से फ्लैग मार्च भी किया गया।

मंत्रियों की 1-to-1 चर्चा पर भी साधा निशाना

रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों के बीच हुई 1-to-1 चर्चा को लेकर भी भूपेश बघेल ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री अपने काम का ठीक से निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं और अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे।

बघेल ने कहा, “मंत्री अपने कार्यों का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं, अधिकारी इनकी बात नहीं सुन रहे हैं। दूसरी बात सरकार के पास पैसा नहीं है तो करेंगे क्या। खाली बैठे हुए हैं, कोई काम-धाम नहीं है।”

उन्होंने सरकार में कई स्तरों से हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए कहा कि एक नेता किसी अधिकारी को किसी काम के लिए फोन करता है, तो कई अन्य नेता उसी काम को रोकने के लिए फोन कर देते हैं। इससे अधिकारी भी असमंजस में रहते हैं कि किसकी बात मानी जाए। बघेल ने कहा कि सरकार से व्यवस्था नहीं संभल रही है।

‘देश संविधान के हिसाब से चलेगा’

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई वाले बयान पर भी भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत को संविधान के अनुसार चलाया जाना चाहिए, धार्मिक ग्रंथों के आधार पर नहीं।

बघेल ने कहा, “आप देश को संविधान के हिसाब से चलाना चाहते हैं या धार्मिक ग्रंथों के हिसाब से? धार्मिक ग्रंथों से हमें सीख मिलती है, पर देश तो संविधान के हिसाब से चलेगा।”

खरगे की सभा वाली जगह के कथित शुद्धिकरण का जिक्र करते हुए बघेल ने कहा कि इससे बड़ा उदाहरण और क्या होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष जिस जगह सभा में गए थे, वहां बाद में शुद्धिकरण किया गया। साथ ही उन्होंने आरएसएस पर संविधान की प्रतियां जलाने का आरोप भी लगाया।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *