इंदौर। मध्यप्रदेश में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आगामी कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कार्यक्रम का आयोजन इंदौर में प्रस्तावित है, लेकिन अब इसके वेन्यू को लेकर कांग्रेस के भीतर की खींचतान सोशल मीडिया तक पहुंच गई है। राज्यसभा सांसद विवेक तंखा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर दावा किया है कि कार्यक्रम का विचार सबसे पहले उन्होंने दिया था और वह इसे जबलपुर में आयोजित कराना चाहते थे।

‘मैंने दिया था जबलपुर का आइडिया’
विवेक तंखा ने अपनी पोस्ट में बताया कि PAC की बैठक में उन्होंने ही ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया था। उन्होंने कार्यक्रम के लिए अपने प्रिय शहर जबलपुर का नाम प्रस्तावित किया था।
तंखा के इस बयान से साफ है कि कार्यक्रम के आयोजन स्थल को लेकर शुरुआत में उनकी पसंद जबलपुर थी। हालांकि, बाद में कार्यक्रम के लिए इंदौर को चुना गया।
जीतू पटवारी की पसंद बना इंदौर
विवेक तंखा ने अपनी पोस्ट में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर तंज कसते हुए इशारों में लिखा कि कार्यक्रम स्थल के मामले में पटवारी की पसंद इंदौर शहर रहा।
तंखा के इस बयान के बाद कांग्रेस के अंदर बड़े आयोजनों को लेकर नेताओं की पसंद और आपसी सहमति पर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
कार्यक्रम के वेन्यू को लेकर बढ़ी चर्चाएं
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को कांग्रेस की छात्र और युवा राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में कार्यक्रम के आयोजन स्थल को लेकर वरिष्ठ नेता की सार्वजनिक टिप्पणी ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी है।
हालांकि, तंखा की पोस्ट में कार्यक्रम स्थल के चयन को लेकर किसी सीधे विवाद का दावा नहीं किया गया है, लेकिन उनके जबलपुर वाले प्रस्ताव और इंदौर के चयन के बीच का अंतर अब कांग्रेस के भीतर की राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।