
इंदौर। शहर के पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में जमीन से जुड़े मामले में धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एक अधिवक्ता ने अपने पक्षकार को फायदा पहुंचाने के लिए राजस्व विभाग के अपर आयुक्त कार्यालय का फर्जी आदेश तैयार कर पेश किया। तहसीलदार की शिकायत पर पुलिस ने अधिवक्ता और उनके पक्षकार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अपर आयुक्त कार्यालय का बनाया फर्जी आदेश
एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल के मुताबिक, पंढरीनाथ थाने में तहसीलदार राकेश सिंह की ओर से शिकायत दी गई थी। इसमें पुष्प रतन प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अंकित और उनके अधिवक्ता आशीष पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है।
मामला जमीन से जुड़े एक फैसले से संबंधित है। शिकायत के अनुसार, अधिवक्ता आशीष ने अपने पक्षकार अंकित को लाभ पहुंचाने की नीयत से राजस्व विभाग के अपर आयुक्त कार्यालय का कथित फर्जी आदेश तैयार किया। इस दस्तावेज में जमीन का फैसला पक्षकार के पक्ष में होने का उल्लेख किया गया था।
जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा
जब राजस्व विभाग ने दस्तावेज में दर्ज आदेश की जांच की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। संबंधित अधिकारी के कार्यालय से ऐसा कोई आदेश जारी ही नहीं किया गया था।
प्राथमिक जांच में दस्तावेज को कूटरचित पाया गया। आरोप है कि फर्जी आदेश के जरिए संबंधित विभाग या न्यायिक प्रक्रिया को गुमराह कर अवैध लाभ हासिल करने का प्रयास किया गया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
तहसीलदार की शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर पंढरीनाथ थाना पुलिस ने अधिवक्ता आशीष और उनके पक्षकार अंकित के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी आदेश किस तरह तैयार किया गया, इसका इस्तेमाल कहां-कहां किया गया और इस मामले में अन्य कोई व्यक्ति शामिल है या नहीं। मामले की जांच जारी है।