राज्य में 5 बड़ी रिडेवलपमेंट परियोजनाओं को मंजूरी
Chhattisgarh Housing and Infrastructure Development Board (गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल) राज्य के विभिन्न शहरों में पांच प्रमुख रिडेवलपमेंट परियोजनाएं शुरू करने जा रहा है। इनका उद्देश्य शासकीय परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग, आधुनिक शहरी अधोसंरचना का विकास और नागरिक सुविधाओं का विस्तार करना है।

परियोजनाएं कहां विकसित होंगी?
पांच प्रस्तावित परियोजनाएं निम्न स्थानों पर विकसित की जाएंगी:
- BTI Road Shankar Nagar
- Club Para
- Kailash Nagar
- Katghora
- Chandni Chowk Phase-2
परियोजनाओं का आकार और मूल्य
- कुल क्षेत्रफल: लगभग 19.14 एकड़
- अनुमानित मूल्य: लगभग 250.30 करोड़ रुपये
- वर्ष 2025-26 की संशोधित गाइडलाइन दरों के आधार पर मूल्यांकन किया गया है।
क्या होगा रिडेवलपमेंट मॉडल?
- जर्जर और अनुपयोगी शासकीय परिसंपत्तियों को हटाकर आधुनिक भवन और सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
- परियोजनाओं के लिए अलग से सरकारी वित्तीय बोझ नहीं डाला जाएगा।
- शासकीय भूमि के मूल्य का उपयोग ही परियोजनाओं के वित्तीय संसाधन के रूप में किया जाएगा।
- सार्वजनिक-निजी सहभागिता (PPP) मॉडल के माध्यम से विकास कार्य किए जाएंगे।
रायपुर परियोजना क्यों महत्वपूर्ण है?
- Raipur के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड के सामने प्रस्तावित परियोजना को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
- यह क्षेत्र शैक्षणिक, प्रशासनिक, व्यावसायिक और आवासीय गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है।
- परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में आधुनिक शहरी सुविधाओं और निवेश की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
सरकार का पक्ष
आवास एवं पर्यावरण मंत्री O. P. Choudhary ने कहा कि मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका कहना है कि रिडेवलपमेंट नीति के माध्यम से अनुपयोगी सरकारी परिसंपत्तियों को आधुनिक और उपयोगी अधोसंरचना में बदला जाएगा।
मंडल का दृष्टिकोण
Anurag Singhdeo के अनुसार ये परियोजनाएं केवल भवन निर्माण नहीं बल्कि शहरी क्षेत्रों के समग्र कायाकल्प का प्रयास हैं।
आगे क्या?
- पांचों परियोजनाओं के टेंडर जारी किए जा चुके हैं।
- मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली बैठक में इन्हें अंतिम स्वीकृति मिल चुकी है।
- आयुक्त Avnish Kumar Sharan ने भविष्य की 8 नई रिडेवलपमेंट परियोजनाओं के प्रस्ताव भी शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
संभावित लाभ
- शहरी अधोसंरचना का आधुनिकीकरण
- सरकारी भूमि का बेहतर उपयोग
- निवेश और रोजगार के अवसर
- शहरों की सौंदर्य वृद्धि
- सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार
हालांकि किसी भी रिडेवलपमेंट परियोजना की वास्तविक सफलता उसके समयबद्ध क्रियान्वयन, पारदर्शिता, पर्यावरणीय प्रभाव और स्थानीय नागरिकों की जरूरतों के संतुलित समावेश पर निर्भर करेगी।