रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा में निजी अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के नेशनल हॉस्पिटल में लिफ्ट हादसे में एक मरीज की मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों में आक्रोश है और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

परिजनों का दावा है कि हादसे के बाद मामले को शांत कराने के लिए अस्पताल प्रबंधन की ओर से 16 लाख रुपये के समझौते की बात सामने आई। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
लिफ्ट हादसे में मरीज की मौत
जानकारी के मुताबिक, रीवा के नेशनल हॉस्पिटल में मरीज के साथ लिफ्ट से जुड़ा हादसा हुआ। हादसे के बाद मरीज की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सवाल उठाते हुए धरना दिया।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार व्यवस्थाओं में लापरवाही बरती गई। उनका सवाल है कि यदि अस्पताल में लगी लिफ्ट मरीजों और उनके परिजनों के इस्तेमाल के लिए है, तो उसकी नियमित तकनीकी जांच और रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी थी।
16 लाख रुपये के समझौते का दावा
मृतक के परिजनों के मुताबिक, अस्पताल प्रबंधक डॉ. अखिलेश पटेल की ओर से परिवार को 16 लाख रुपये में समझौते की पेशकश अथवा राशि दिए जाने की बात सामने आई है।
हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर अभी पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है या समझौते की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं। पुलिस जांच के बाद ही इन सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है।
परिजनों ने उठाया सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
हादसे के बाद परिजनों ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल में मरीजों की जान की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मामला सिर्फ मुआवजे या समझौते तक सीमित नहीं है। हादसे की परिस्थितियां, लिफ्ट की तकनीकी स्थिति, उसके रखरखाव और सुरक्षा मानकों के पालन की जांच भी महत्वपूर्ण होगी।
SDOP ने कहा- जांच के बाद होगा खुलासा
मामले को लेकर SDOP मनस्वी शर्मा ने कहा कि अस्पताल में हुए लिफ्ट हादसे की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि परिजनों की कुछ मांगें थीं, जिन्हें लेकर अस्पताल प्रशासन से बातचीत हुई है। दोनों पक्षों के बीच कुछ समझौता हुआ है।
SDOP के मुताबिक, फिलहाल मामले में मर्ग कायम कर जांच-पड़ताल की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
लिफ्ट की तकनीकी जांच भी जरूरी
घटना के बाद अब यह भी जांच का विषय है कि अस्पताल की लिफ्ट का नियमित रखरखाव हुआ था या नहीं, उसकी तकनीकी जांच कब कराई गई थी और क्या वह निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित हो रही थी।
पुलिस जांच के साथ लिफ्ट की तकनीकी जांच से हादसे की वास्तविक वजह सामने आने में मदद मिल सकती है। यदि जांच में किसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल रीवा के इस हादसे ने अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और सुरक्षा मानकों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।