मध्यप्रदेश में सरकारी विभागों में रिक्त पदों और भर्ती प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग के पास फिलहाल कोई समेकित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। यह जानकारी विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक सेना पटेल के सवाल के लिखित जवाब में सामने आई।
कांग्रेस विधायक सेना पटेल ने प्रदेश के विभिन्न विभागों में खाली पदों, भर्ती प्रक्रिया की प्रगति और अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों को लेकर सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में सामान्य प्रशासन विभाग की भारसाधक मंत्री कृष्णा गौर ने सभी प्रश्नों पर एक ही उत्तर दिया कि “जानकारी एकत्रित की जा रही है।”

विधायक ने पूछे थे चार प्रमुख सवाल
विधायक सेना पटेल ने सरकार से निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी—
- प्रदेश के सभी जिलों और विभागों में वर्तमान में कितने पद रिक्त हैं तथा विभागवार और आरक्षणवार उनकी स्थिति क्या है?
- रिक्त पदों के विरुद्ध नई भर्तियों की वर्तमान स्थिति क्या है और कितने पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है?
- भर्ती प्रक्रियाओं में देरी के प्रमुख कारण क्या हैं तथा उन्हें समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है?
- विभिन्न विभागों में अनुकंपा नियुक्ति के कितने मामले लंबित हैं, उन्हें अब तक नियुक्ति क्यों नहीं मिली और कब तक दी जाएगी?
सरकार का संक्षिप्त जवाब
विधायक के सभी प्रश्नों के उत्तर में मंत्री कृष्णा गौर ने केवल इतना कहा कि “जानकारी एकत्रित की जा रही है।” इससे स्पष्ट हुआ कि सामान्य प्रशासन विभाग के पास फिलहाल प्रदेश के रिक्त पदों और भर्ती प्रक्रिया का एकीकृत विवरण उपलब्ध नहीं है।
विपक्ष ने उठाए सवाल
सरकार के इस जवाब को लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष का कहना है कि यदि सामान्य प्रशासन विभाग के पास ही रिक्त पदों का समेकित ब्योरा उपलब्ध नहीं है, तो प्रदेश में भर्ती योजनाओं की प्रभावी योजना और क्रियान्वयन किस आधार पर किया जा रहा है। साथ ही युवाओं और अनुकंपा नियुक्ति के पात्र आवेदकों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर भी सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।