
- छत्तीसगढ़ का पारंपरिक हरेली तिहार प्रदेशभर में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व कृषि, प्रकृति और ग्रामीण जीवन से जुड़ा है।
- पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने रायपुर स्थित आवास पर भी पारंपरिक तरीके से हरेली मनाई। कार्यक्रम में कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
- बघेल ने कहा कि उनकी सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ी परंपराओं और त्योहारों को देश-दुनिया में पहचान दिलाने का प्रयास किया गया। उन्होंने मौजूदा सरकार पर इन परंपराओं को पर्याप्त महत्व नहीं देने का आरोप लगाया।
- उन्होंने दावा किया कि हरेली के दौरान कृषि औजारों और पशुधन की पूजा की जाती है और यह पर्व प्रकृति के प्रति छत्तीसगढ़ की आस्था को दर्शाता है।
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक बयान पर पलटवार करते हुए बघेल ने गोलीबारी, आंसू गैस और लाठीचार्ज को लेकर सवाल उठाए और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
- सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री को लेकर बच्चों से जुड़े पोस्ट पर भी बघेल ने टिप्पणी की और केंद्र सरकार पर राजनीतिक कटाक्ष किया।
- उनके आवास पर हुए आयोजन में कांग्रेस के कई विधायक, पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता, साथ ही उनके परिवार के सदस्य मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, हरेली तिहार का सांस्कृतिक आयोजन इस बार राजनीतिक बयानबाजी का मंच भी बन गया, जहां भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ मौजूदा सरकार और केंद्र की राजनीति पर निशाना साधा।