
रायगढ़। संपत्ति संबंधी अपराधों पर कार्रवाई और चोरी गए माल की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत रायगढ़ की कोतवाली पुलिस ने ट्रेलर डाला चोरी के मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी गया ट्रेलर डाला और इंजन समेत करीब ₹13 लाख का मशरूका बरामद किया गया है। वारदात में इस्तेमाल करीब ₹8 लाख कीमत की कार और आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, ट्रांसपोर्ट नगर, सारंगढ़ बस स्टैंड रायगढ़ निवासी धीरज कुमार नवीन ने 2 अगस्त 2026 को थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि ट्रेलर क्रमांक CG 12 BK 3140 का इंजन बजरंग मोटर के अंदर था, जबकि उसका डाला/ट्रीप उर्दना बैरियर से सीएमओ तिराहा के बीच सड़क किनारे खड़ा किया गया था। 27 जुलाई की शाम करीब 4 बजे डाला वहां खड़ा था, लेकिन 28 जुलाई की सुबह करीब 8 बजे वह गायब मिला।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक अमित तिवारी ने पुलिस टीम को आरोपियों और चोरी गए माल की तलाश में लगाया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में पूछताछ के साथ CCTV फुटेज की जांच शुरू की।
300 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले
टीआई अमित तिवारी के नेतृत्व में आरक्षक प्रताप बेहरा और उत्तम सारथी ने करीब 300 CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। रात के अंधेरे के कारण चोरी के वाहन की पहचान चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन पुलिस टीम को एक अहम सुराग मिला।
फुटेज में चोरी किया गया डाला CG 13 AS 8857 के इंजन से जोड़कर ले जाते हुए दिखाई दिया। इसके आगे एक नीले रंग की कार CG 13 BA 7639 पायलेटिंग करती नजर आई। पुलिस ने दोनों वाहनों के आने-जाने के रास्ते को CCTV फुटेज के जरिए ट्रेस किया।
टोल से बचने कच्चे रास्तों का इस्तेमाल
जांच में पता चला कि आरोपियों ने पुलिस और टोल रिकॉर्ड से बचने के लिए मुख्य मार्ग और टोल नाकों का इस्तेमाल नहीं किया। चोरी के डाला को रायपुर ले जाने के लिए आरोपियों ने बाईपास और कच्चे रास्तों का सहारा लिया।
CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस वाहन को रायपुर के कबीरनगर क्षेत्र तक ट्रेस करने में सफल रही। इसके बाद RTO रिकॉर्ड के जरिए ट्रेलर CG 13 AS 8857 के मालिक की जानकारी जुटाई गई।
RTO रिकॉर्ड से खुला आरोपियों का राज
RTO से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने ट्रेलर मालिक जसविन्दर सिंह उर्फ राहुल (26) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने अपने साथी पवनदीप सिंह (32) और संदीप कुमार खत्री (29) के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
आरोपियों ने बताया कि 27 जुलाई की रात करीब 2:30 बजे उन्होंने चोरी किए गए डाला को ट्रेलर के इंजन में जोड़कर रायपुर पहुंचाया था।
₹4.30 लाख में बेचा चोरी का डाला
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी का डाला रायपुर निवासी हरचरण सिंह सरदार, निवासी मोहबा नगर, थाना कबीरनगर, को ₹4.30 लाख में बेच दिया गया था। हरचरण सिंह के कहने पर चोरी का डाला इंजन सहित बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बेलतरा में रखा गया था।
पुलिस टीम ने पतासाजी करते हुए बेलतरा पहुंचकर चोरी का डाला और इंजन बरामद कर लिया। पुलिस ने इसकी अनुमानित कीमत करीब ₹13 लाख बताई है।
₹8 लाख की कार और मोबाइल जब्त
वारदात के दौरान पायलेटिंग के लिए इस्तेमाल की गई नीले रंग की कार CG 13 BA 7639, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹8 लाख है, पुलिस ने आरोपी जसविन्दर सिंह से जब्त की है। इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार मोबाइल में वारदात से संबंधित बातचीत और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं।
तीनों आरोपी ड्रायवरी के पेशे से जुड़े
जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी ड्रायवरी के पेशे से जुड़े हैं और उन्हें वाहनों तथा अलग-अलग मार्गों की अच्छी जानकारी थी। इसी जानकारी का इस्तेमाल उन्होंने चोरी की वारदात में किया।
पुलिस के अनुसार आरोपी संदीप कुमार खत्री करीब दो माह पहले मोटरसाइकिल चोरी के मामले में जमानत पर जेल से बाहर आया था।
चोरी का डाला खरीदने वाला आरोपी हरचरण सिंह सरदार फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
गिरफ्तार आरोपी
- जसविन्दर सिंह उर्फ राहुल, पिता कलवन्त सिंह, उम्र 26 वर्ष, निवासी बोइरदादर, मां बिहार कॉलोनी, चक्रधरनगर रायगढ़।
- पवनदीप सिंह, पिता अवतार सिंह, उम्र 32 वर्ष, निवासी भगवानपुर रायगढ़, थाना कोतरारोड़।
- संदीप कुमार खत्री, पिता अशोक कुमार खत्री, उम्र 29 वर्ष, निवासी मंगलूडीपा रायगढ़, थाना कोतरारोड़।
तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस टीम की मेहनत से मिली सफलता
पुलिस ने करीब 10 दिनों तक लगातार जांच करते हुए 300 से अधिक CCTV फुटेज की पड़ताल की। रात में चोरी किए गए वाहन की स्पष्ट पहचान नहीं होने के बावजूद पायलेटिंग कर रही कार को महत्वपूर्ण सुराग बनाया गया। इसके बाद CCTV फुटेज, वाहन के रूट और RTO रिकॉर्ड को जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची और चोरी गया माल बरामद किया।
एसएसपी शशिमोहन सिंह ने कहा कि संपत्ति संबंधी अपराधों में पुलिस की प्राथमिकता जल्द से जल्द अपराध का खुलासा करने और चोरी गए माल की बरामदगी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई पुलिस टीम की सतर्कता, तकनीकी साक्ष्यों के प्रभावी इस्तेमाल और बेहतर टीमवर्क का परिणाम है। रायगढ़ पुलिस की ओर से संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।