रायपुर। भाजपा के रैप सॉन्ग को लेकर छिड़ी सियासी बयानबाजी के बीच छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने भाजपा के ‘इटली’ वाले तंज पर जवाब देते हुए कहा कि इटली का चश्मा तो भाजपा के लोग पहने हुए हैं।
भूपेश बघेल ने कहा कि हाफ पैंट और टोपी इटली से नहीं, बल्कि उनके मुताबिक भाजपा की विचारधारा के संदर्भ में अलग ऐतिहासिक प्रभावों से जुड़ी है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “भाजपा को इटली से कितना प्रेम है, इसे मेलोडी खाओ, खुद जान जाओ।”

सोनिया गांधी को लेकर भी साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने सोनिया गांधी को लेकर भी भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने सोनिया गांधी से विवाह किया और वह भारत की नागरिक हैं। बघेल ने कहा कि वे सोनिया गांधी को भारतीय नारी के रूप में देखते हैं।
इसी दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए सवाल किया कि वे अपनी पत्नी को गुजरात से प्रधानमंत्री आवास कब लाएंगे।
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO की नियुक्ति पर सरकार को घेरा
भूपेश बघेल ने राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO की नियुक्ति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने अधिकारियों और कर्मचारियों पर भरोसा नहीं है, इसलिए एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी को CEO बनाया गया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार को भाजपा, RSS और VHP से जुड़े लोगों पर भी अब भरोसा नहीं रहा। बघेल ने राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारी चंपत राय को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि इससे देशवासियों की आस्था को ठेस पहुंची है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
UP में कांग्रेस-SP गठबंधन पर क्या बोले बघेल?
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के संभावित गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर भूपेश बघेल ने कहा कि गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान करेगा।
7.8% GDP ग्रोथ के दावे पर भी सवाल
देश की 7.8 प्रतिशत GDP ग्रोथ के दावे पर भी बघेल ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पूर्व वित्त सचिव द्वारा 2.7 प्रतिशत ग्रोथ का आंकड़ा बताए जाने से सरकार के आंकड़ों पर सवाल खड़े होते हैं।
बघेल ने कहा कि अगर देश में वास्तविक विकास हो रहा है तो उसका असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए। उनके मुताबिक निर्माण कार्य बढ़ने चाहिए और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए, लेकिन उन्हें ऐसा दिखाई नहीं दे रहा है।
भूपेश बघेल के इन बयानों के बाद एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।