September 13, 2026

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के राष्ट्रीय कृषि शिक्षा अधिमान्यता बोर्ड ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और इसके अंतर्गत संचालित विभिन्न महाविद्यालयों एवं शिक्षण कार्यक्रमों को “A Grade” अधिमान्यता प्रदान की है।

विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल और विश्वविद्यालय के सभी सहयोगियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मार्च 2024 से मार्च 2029 तक मिली अधिमान्यता

ICAR की ओर से हाल ही में जारी अधिमान्यता आदेश के अनुसार इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों और स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध कार्यक्रमों को मार्च 2024 से मार्च 2029 तक के लिए “A Grade” प्रदान किया गया है।

ICAR की सूची में विश्वविद्यालय को देश के उत्कृष्ट कृषि विश्वविद्यालयों में स्थान मिला है। विश्वविद्यालय के मुताबिक पिछले चार वर्षों में शिक्षण, अनुसंधान और प्रसार के क्षेत्र में किए गए कार्यों ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

2019 में मिला था B Grade

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को इससे पहले वर्ष 2019 में ICAR की अधिमान्यता सूची में B Grade मिला था। ऐसे में इस बार A Grade मिलना विश्वविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

इसके अलावा विश्वविद्यालय को पिछले वर्ष NIRF रैंकिंग में 28वां स्थान मिला था। NIRF रैंकिंग में स्थान हासिल करने वाला यह छत्तीसगढ़ का एकमात्र विश्वविद्यालय बताया गया है।

A Grade मिलने से विश्वविद्यालय को क्या होगा फायदा?

विश्वविद्यालय के मुताबिक A Grade मिलने से उसकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साख मजबूत होगी। यह ग्रेड शिक्षण, अनुसंधान, अधोसंरचना, प्रशासन और छात्र सहायता जैसे क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण कार्यों का संकेतक है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालयों को प्रदर्शन और ग्रेड के आधार पर विभिन्न अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इससे महाविद्यालय भवन, हॉस्टल, प्रयोगशालाएं, लाइब्रेरी और खेल सुविधाओं के विकास में मदद मिल सकती है।

इसके अलावा केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों, ICAR, राज्य सरकार, अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और अन्य अनुसंधान संस्थाओं से शिक्षण एवं शोध परियोजनाओं के लिए अधिक सहयोग मिलने की संभावना है।

रिसर्च और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी मिलेगा बढ़ावा

A Grade से विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के बीच विश्वसनीयता बढ़ने की उम्मीद है। इससे देश-विदेश के विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की ओर आकर्षित करने, दूसरे विश्वविद्यालयों और विदेशी संस्थानों के साथ शिक्षण एवं शोध सहयोग बढ़ाने और कृषि अनुसंधान को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

विश्वविद्यालय के अनुसार कृषि तकनीकों के प्रसार, औद्योगिक सहयोग और किसानों तक शोध एवं नई तकनीक पहुंचाने की गतिविधियों को भी इससे बढ़ावा मिलेगा।

किन मानकों पर तय हुआ विश्वविद्यालय का ग्रेड?

ICAR की ग्रेडिंग में विश्वविद्यालयों के प्रदर्शन का मूल्यांकन कई मानकों पर किया गया। इनमें प्रमुख रूप से:

  • शिक्षण व्यवस्था और शिक्षण अधोसंरचना
  • शोध एवं अनुसंधान का स्तर
  • किसानों तक कृषि तकनीकों का हस्तांतरण
  • नवाचार और तकनीकी विकास
  • विद्यार्थियों के प्लेसमेंट की स्थिति
  • छात्र-शिक्षक अनुपात
  • क्लासरूम और प्रयोगशालाएं
  • लाइब्रेरी, हॉस्टल और खेल सुविधाएं
  • प्रवेश प्रक्रिया और पाठ्यक्रम
  • शिक्षण-अध्यापन और मूल्यांकन व्यवस्था
  • छात्रवृत्ति और छात्र कल्याण
  • संस्थागत डाटाबेस और अकादमिक रेगुलेशन

जैसे बिंदुओं को शामिल किया गया।

कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के कार्यकाल में हुए कई बदलाव

विश्वविद्यालय के मुताबिक कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के हालिया चार वर्षीय कार्यकाल में शिक्षा, अधोसंरचना, अनुसंधान, तकनीकी विकास और किसान कल्याण के क्षेत्र में कई कार्य किए गए हैं।

इस दौरान नए कृषि महाविद्यालयों की स्थापना, विद्यार्थियों की प्रवेश संख्या में वृद्धि, स्मार्ट क्लासरूम, छात्रावास और आधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण किया गया। विश्वविद्यालय में स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 भी लागू की गई है।

विश्वविद्यालय के अनुसार इस अवधि में शिक्षकों और सहायक स्टाफ की भर्ती भी की गई तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ शैक्षणिक संबंध मजबूत किए गए।

डिजिटल शिक्षा और विदेश में उच्च शिक्षा के अवसर

विद्यार्थियों के लिए विदेशों में उच्च शिक्षा और अनुसंधान के अवसर बढ़ाने की दिशा में भी काम किया गया। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट कक्षाएं स्थापित की गईं। इसके साथ ही डिग्री और प्रमाणपत्रों को डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।

विश्वविद्यालय का कहना है कि शिक्षा, अनुसंधान, तकनीकी विकास और किसान हित से जुड़े इन प्रयासों का परिणाम अब ICAR की A Grade अधिमान्यता के रूप में सामने आया है।

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