September 13, 2026

इंदौर। मध्यप्रदेश में करीब दो दशक से बंद पड़ी राज्य परिवहन बस सेवा को फिर से शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा की शुरुआत की जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश में यात्रियों के लिए परिवहन के नए अवसर खुलेंगे और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह बात 11 सितंबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’ को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर से ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू होगा, जो 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसी दौरान सुगम परिवहन बस सेवा को जमीन पर उतारने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

15 हजार से ज्यादा बसें और 5 लाख किमी सड़क नेटवर्क

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में करीब 15 हजार से अधिक बसों और 5 लाख किलोमीटर सड़कों का नेटवर्क मौजूद है। सुगम परिवहन बस सेवा को यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के साथ-साथ बस ऑपरेटरों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। बस सेवा में यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता होगी और नई तकनीक से यात्रियों, ऑपरेटरों और सरकार को लाभ मिलेगा।

सीएम ने कहा कि देश में हाईस्पीड ट्रेन, लॉजिस्टिक कॉरिडोर, डेडिकेटेड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और हाईस्पीड हाईवे का नेटवर्क तेजी से विकसित हो रहा है। ऐसे में मध्यप्रदेश भी भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए परिवहन क्षेत्र में बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

20 साल बाद राज्य परिवहन सेवा की वापसी

परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह ने प्रस्तुति के दौरान बताया कि वर्ष 2005 में राज्य सड़क परिवहन निगम की सेवाएं स्थगित हो गई थीं। इसके बाद करीब 20 वर्षों तक प्रदेश में बस परिवहन मुख्य रूप से निजी ऑपरेटरों के माध्यम से संचालित होता रहा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा राज्य में दोबारा बस परिवहन सेवा शुरू करने की योजना को मंजूरी दिए जाने के बाद अब मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) के माध्यम से नई व्यवस्था विकसित की जा रही है।

इसके तहत राज्य स्तर पर यात्री परिवहन कंपनी का गठन किया गया है। साथ ही 7 क्षेत्रीय सहायक कंपनियां बनाई गई हैं और जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में परिवहन सलाहकार समितियों का गठन किया गया है।

55 जिलों के रूट का सर्वे, 1190 विशेषज्ञ पद मंजूर

परिवहन विभाग के मुताबिक प्रदेश के करीब 55 जिलों के रूट का सर्वे पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा 1190 विशेषज्ञ पदों को मंजूरी दी गई है। एमपी ऑनलाइन और टीसीएस के माध्यम से यात्री परिवहन कंपनी में भर्ती की प्रक्रिया भी की जा रही है।

प्रस्तावित बस सेवा के लिए रूट डेटा के आधार पर तय किए गए हैं। विभाग के अनुसार इनमें:

  • 150 सिटी बस रूट
  • 450 इंटरसिटी रूट
  • 436 इंटरस्टेट रूट

शामिल हैं।

बसों में CCTV, ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम, पैनिक बटन, GPS और लाइव लोकेशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। बसों में इलेक्ट्रिक और CNG मॉडल को प्राथमिकता देने की बात भी कही गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचेगी ई-बस सेवा

परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सुगम यात्री परिवहन सेवा प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि ई-बसों का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

मंत्री के मुताबिक, पिछले वर्ष 1 अप्रैल को प्रदेश में सुगम परिवहन यात्री बस सेवा शुरू करने को मंजूरी दी गई थी। अब इसके लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर बस ऑपरेशन को जमीन पर उतारने की दिशा में काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में यात्रियों के साथ-साथ बस ऑपरेटरों के हितों का भी ध्यान रखा जाएगा।

Rapido के साथ हुआ महत्वपूर्ण MOU

समिट के दौरान मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) और Rapido के बीच एमओयू भी हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके माध्यम से यात्रियों को टू-व्हीलर से सुगम परिवहन बस सेवा तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’ की स्मारिका, MPYPIL का लोगो और विशेष पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने सिंगल क्लिक के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इनोवेशन चैलेंज प्रतियोगिता की घोषणा भी की।

लोगो प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार

समिट में लोगो प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। बिहार के सुधाकर कुमार को प्रथम पुरस्कार के रूप में 5 लाख रुपये, नई दिल्ली के चयन वोहरा को द्वितीय पुरस्कार के रूप में 2 लाख रुपये और मुंबई की गौरांगी शर्मा को तृतीय पुरस्कार के रूप में 1 लाख रुपये प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित परिवहन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, स्टार्टअप प्रतिनिधि और तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहे।

धार्मिक पर्यटन बढ़ने से लोक परिवहन की बढ़ेगी जरूरत

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने के साथ लोक परिवहन की जरूरत भी बढ़ रही है। उन्होंने उज्जैन में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले जहां प्रतिवर्ष करीब 60 से 70 लाख श्रद्धालु आते थे, अब यह संख्या 8 करोड़ से अधिक पहुंच गई है।

मुख्यमंत्री ने इस वर्ष उज्जैन में 14 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान भी बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर साल 20 करोड़ से अधिक पर्यटकों के आने के आंकड़े सामने आ रहे हैं। ऐसे में सुगम और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की जरूरत और बढ़ जाती है।

‘एक राज्य, एक बस सेवा’ पर जोर

सीएम ने कहा कि ‘एक राज्य, एक बस सेवा’ की दिशा में काम होने से यात्रियों के लिए प्रदेश के भीतर आवागमन अधिक सुगम हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में स्थित है और बेहतर सड़क नेटवर्क के कारण दिल्ली-मुंबई सहित प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी मजबूत हुई है।

इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि यात्री परिवहन प्रदेश की प्रमुख जरूरतों में से एक रहा है। उनके मुताबिक, जनभागीदारी के जरिए क्लीन और सेफ बस सिस्टम विकसित कर गांवों को शहरों से जोड़ा जा सकेगा। उन्होंने दावा किया कि इससे हर साल करीब 70 हजार टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन को रोकने में मदद मिल सकती है।

पीथमपुर में बनेगा इलेक्ट्रिक बस कारखाना

समिट में इलेक्ट्रिक बस निर्माता एका मोबिलिटी के चेयरमैन सुधीर मेहता ने बताया कि कंपनी का पीथमपुर में पांचवां इलेक्ट्रिक बस कारखाना शुरू होने जा रहा है। उनके मुताबिक, इस प्लांट में सालाना करीब 5 हजार बसों के निर्माण की क्षमता होगी।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के सोलर सरप्लस राज्य होने से इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन को भी लाभ मिल सकता है।

वहीं, यश टेक्नोलॉजी के धर्मेंद्र जैन ने कहा कि उनकी कंपनी ने पिछले 28 वर्षों में 20 हजार से अधिक लोगों को रोजगार दिया है और विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में योगदान देने के लिए तैयार है।

ऑल इंडिया बस एंड कार कॉन्फेडरेशन के अध्यक्ष प्रसन्ना पटवर्धन ने कहा कि देश में बस परिवहन प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाता है। उन्होंने मध्यप्रदेश की प्रस्तावित व्यवस्था को सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

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