September 14, 2026

छतरपुर। गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए श्रद्धालुओं से पर्यावरण-अनुकूल गणेश उत्सव मनाने की अपील की है। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में उन्होंने भक्तों से इस बार घर में केवल मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा स्थापित करने का आग्रह किया।

केवल मिट्टी की गणेश प्रतिमा स्थापित करने की अपील

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं से कहा कि गणेश चतुर्थी पर घर में मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमा ही लाएं और विधि-विधान से उसकी स्थापना करें।

उन्होंने मिट्टी की प्रतिमा को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से शुभ बताते हुए श्रद्धालुओं से पारंपरिक और प्राकृतिक तरीके से गणेश उत्सव मनाने का आग्रह किया।

गमले या बगीचे में कर सकते हैं विसर्जन

धीरेंद्र शास्त्री ने मिट्टी की प्रतिमा के विसर्जन को लेकर भी लोगों को आसान और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प बताया। उन्होंने कहा कि पूजा-अर्चना के बाद मिट्टी की प्रतिमा का विसर्जन घर के गमले या बगीचे में किया जा सकता है।

उनके अनुसार, इस तरह से विसर्जन करने से पर्यावरण को नुकसान से बचाने में मदद मिलेगी। हालांकि, घर में विसर्जन के धार्मिक प्रभाव और नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होने जैसे दावे उनकी आध्यात्मिक मान्यता के रूप में हैं।

POP की मूर्तियों को लेकर जताई चिंता

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) से बनी गणेश प्रतिमाओं के इस्तेमाल पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि POP की प्रतिमाएं जलस्रोतों और नदियों में विसर्जन के बाद लंबे समय तक नष्ट नहीं होतीं।

उन्होंने कहा कि विसर्जन के बाद नदियों और तालाबों के किनारे भगवान की टूटी-फूटी प्रतिमाएं दिखाई देना श्रद्धालुओं के लिए दुखद स्थिति है। इसी वजह से उन्होंने लोगों से मिट्टी की प्रतिमा अपनाने की अपील की।

‘विघ्नहर्ता’ हैं भगवान गणेश

अपने संदेश में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान गणेश को विघ्नहर्ता बताते हुए कहा कि जो भक्त सच्चे मन, श्रद्धा और नियम-संयम के साथ भगवान गजानन की पूजा करता है, उसे रिद्धि-सिद्धि और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

गणेश चतुर्थी के मौके पर उनकी इस अपील का मुख्य संदेश धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण को जोड़कर उत्सव मनाने का है।

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