September 21, 2026

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक लेख के माध्यम से उनके राजनीतिक सफर और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं पहलों का उल्लेख किया है। मुख्यमंत्री ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के शपथ लेने से शुरू हुए राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए उनके कार्यकाल को जनसेवा से जोड़कर देखा।

मुख्यमंत्री साय ने अपने लेख में गुजरात के विकास, गरीब कल्याण, जनजातीय समाज, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल तकनीक, संस्कृति और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका समेत विभिन्न क्षेत्रों में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यों का उल्लेख किया है।

भुज भूकंप से गुजरात के विकास तक का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने लिखा कि जब नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था, उस समय राज्य भुज भूकंप की त्रासदी से जूझ रहा था। साय ने अपने लेख में दावा किया कि मोदी के नेतृत्व में गुजरात ने इस संकट से उबरकर आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ने का काम किया।

उन्होंने प्रधानमंत्री के शासन के मूलमंत्र के रूप में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” का उल्लेख किया और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय दर्शन से इसे जोड़ा।

जनधन, उज्ज्वला और आवास योजनाओं का उल्लेख

सीएम साय ने अपने लेख में प्रधानमंत्री जनधन योजना, आधार और मोबाइल के जरिए वित्तीय समावेशन तथा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर का उल्लेख किया।

उन्होंने उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं को भी प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की प्रमुख पहलों के रूप में गिनाया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन योजनाओं का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना रहा है।

जनजातीय समाज के लिए किए गए कार्यों को बताया महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ को जनजातीय बहुल राज्य बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में जनजातीय समाज के विकास और कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है।

उन्होंने जनजातीय गौरव दिवस, पीएम-जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का उल्लेख किया। साय ने कहा कि इन पहलों के जरिए जनजातीय समाज की संस्कृति और अधिकारों के संरक्षण के साथ विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने का भी उल्लेख किया।

इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल तकनीक पर जोर

सीएम साय ने प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन की प्रमुख विशेषताओं में इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार को भी शामिल किया। उन्होंने एक्सप्रेसवे, वंदे भारत ट्रेन, हवाई अड्डों और बंदरगाहों के आधुनिकीकरण का उल्लेख किया।

उन्होंने डिजिटल इंडिया और UPI की सफलता, सेमीकंडक्टर निर्माण, स्पेस टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भारत की बढ़ती भूमिका का भी जिक्र किया।

साय ने मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने वाली पहल के रूप में प्रस्तुत किया।

सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक तथा देश की अन्य धरोहरों के संरक्षण का उल्लेख किया।

उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने, सर्जिकल स्ट्राइक और नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र की कार्रवाई का भी जिक्र किया। साय ने दावा किया कि नक्सलमुक्त भारत के संकल्प से बस्तर में शांति और विकास का रास्ता मजबूत हुआ है।

वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका का जिक्र

मुख्यमंत्री साय ने अपने लेख में वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति और कूटनीतिक प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बात को महत्व मिल रहा है।

उन्होंने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने और भारत की सॉफ्ट पावर का भी उल्लेख किया।

‘विकसित भारत’ के संकल्प का किया जिक्र

लेख के अंत में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि देश विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इसे केवल आर्थिक लक्ष्य नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और वैश्विक भूमिका से जुड़ा संकल्प बताया।

साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की बात कही और उनके संकल्प को पूरा करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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