रायपुर। स्वर्णभूमि में संस्कृति, संगीत, नृत्य और भारतीय परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिला। स्वर्णभूमि उत्सव समिति की ओर से प्रस्तुत “रंगायन – उत्सव की एक भव्य गाथा” का आयोजन 16 सितंबर 2026 को हुआ। कार्यक्रम में देश के विभिन्न पर्वों और उनकी सांस्कृतिक विरासत को संगीत, नृत्य, अभिनय और संवाद के माध्यम से मंच पर जीवंत किया गया।

परिकल्पना से मंच तक पहुंची ‘रंगायन’ की कहानी
“रंगायन” की मूल परिकल्पना CA शीतल काला, भाषा जैन और नीरजा अग्रवाल ने की थी। इसका उद्देश्य भारत के विभिन्न पर्वों और उनसे जुड़ी सांस्कृतिक परंपराओं को एक सूत्र में पिरोकर एक भावपूर्ण मंचीय कथा के रूप में प्रस्तुत करना था।
इस परिकल्पना को मंचीय रूप देने का काम स्वाति जैन की स्क्रिप्टिंग और निर्देशन ने किया। उनकी रचनात्मक दृष्टि और निर्देशन के साथ प्रतिभागियों की मेहनत ने इस विचार को एक भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति में बदल दिया।
मकर संक्रांति से दीपावली तक दिखे पर्वों के रंग
मंगलाचरण के साथ शुरू हुई सांस्कृतिक यात्रा में मकर संक्रांति, महाशिवरात्रि, होली, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, गणेश उत्सव, दुर्गा पूजा और दीपावली जैसे पर्वों को मंच पर प्रस्तुत किया गया।
संगीत, नृत्य, अभिनय और संवादों के जरिए प्रस्तुत इन कार्यक्रमों में भारतीय संस्कृति की विविधता और अलग-अलग परंपराओं के बीच एकता का भाव दिखाई दिया। प्रस्तुतियों ने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को भी मंचीय रूप में अभिव्यक्त किया।
एक महीने तक 81 प्रतिभागियों ने की तैयारी
“रंगायन” को भव्य रूप देने के पीछे 81 प्रतिभागियों की करीब एक महीने की मेहनत रही। 16 अगस्त से 16 सितंबर तक लगातार अभ्यास, तैयारी और समन्वय के बाद प्रतिभागियों ने मंच पर अपनी प्रस्तुति दी।
संवाद, नृत्य, अभिनय, मंच पर प्रवेश और सामूहिक तालमेल जैसी बारीकियों पर लगातार अभ्यास किया गया। इसका परिणाम कार्यक्रम के दौरान देखने को मिला, जहां प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को सांस्कृतिक अनुभव से जोड़ा।
आयोजन में BOD और उत्सव समिति का सहयोग
कार्यक्रम को सफल बनाने में स्वर्णभूमि के वर्तमान BOD सदस्यों और स्वर्णभूमि उत्सव समिति का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजन की तैयारी से लेकर अंतिम प्रस्तुति तक समिति के सदस्यों ने टीम को सहयोग, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन दिया।
स्वर्णभूमि BOD के सदस्य
- नवीन कुमार पटेल — अध्यक्ष
- अशोक कुमार गोयल — उपाध्यक्ष
- पदमा तोषिनीवाल — उपाध्यक्ष
- विकास विग — निर्वाचित उपाध्यक्ष
- गगनदीप सिंह सलूजा — सचिव
- मोहित कुमार सरावगी — कोषाध्यक्ष
- शशि रात्रे — निर्वाचित प्रतिनिधि, जिला सहकारी संघ मर्यादित
- नम्रता श्रीकांत अग्रवाल — सह सचिव
- अलका सोनी — सह कोषाध्यक्ष
- रॉबिन जेठानी — संचालक सदस्य
- रोहित अग्रवाल — संचालक सदस्य
स्वर्णभूमि उत्सव समिति
- अंशू छाबड़ा — प्रमुख
- नीलिमा (नीलम) विग — सदस्य
- मुनेंद्र छाबड़ा — सदस्य
आयोजकों की ओर से सभी सदस्यों के सहयोग, मार्गदर्शन और सक्रिय सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया गया। विशेष रूप से अंशू छाबड़ा, नीलिमा (नीलम) विग और मुनेंद्र छाबड़ा के योगदान के लिए धन्यवाद दिया गया।
‘रंगायन’ बना स्वर्णभूमि परिवार की एकता का उत्सव
“रंगायन” को केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के बजाय स्वर्णभूमि परिवार की एकजुटता, सामूहिक प्रयास और भारतीय संस्कृति के प्रति जुड़ाव के उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया गया।
81 प्रतिभागियों की मेहनत, रचनात्मक टीम की परिकल्पना, स्वाति जैन की स्क्रिप्टिंग और निर्देशन तथा पूरी टीम के सहयोग से अलग-अलग भारतीय पर्वों को एक मंच पर उतारा गया। कार्यक्रम ने संस्कृति, संगीत और परंपराओं के रंगों को एक साथ जोड़ते हुए एक भव्य सांस्कृतिक गाथा का रूप लिया।
रंगायन—जहां अनेक पर्वों के रंग मिले, संस्कृति ने स्वर लिया और स्वर्णभूमि परिवार ने मिलकर रची एक भव्य गाथा।