रायपुर। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में सक्रिय रहे लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर अब छत्तीसगढ़ में धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, राजधानी रायपुर के चर्चित ढेबर परिवार को कथित तौर पर फोन कर 50 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है। फोन करने वाले ने खुद को बिश्नोई गैंग से जुड़ा सदस्य बताया और फिरौती नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

मामले की जानकारी सामने आने के बाद रायपुर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि धमकी भरा फोन वास्तव में किसी संगठित गिरोह से जुड़ा था या किसी व्यक्ति ने गैंग के नाम का इस्तेमाल कर परिवार को डराने की कोशिश की।
बिश्नोई गैंग के नाम पर आया धमकी भरा कॉल
जानकारी के मुताबिक, ढेबर परिवार को एक अज्ञात नंबर से फोन आया था। कॉलर ने कथित तौर पर खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया और 50 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की।
आरोप है कि कॉलर ने समय पर रकम नहीं पहुंचाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए परिवार की ओर से पुलिस को मामले की जानकारी दी गई।
अज्ञात कॉलर की तकनीकी जांच में जुटी साइबर टीम
रायपुर सेंट्रल जोन पुलिस कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साइबर सेल की विशेष टीम को भी जांच में लगाया गया है।
पुलिस अज्ञात कॉलर के मोबाइल नंबर और कॉल डिटेल की तकनीकी जांच कर रही है। टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कॉल किस स्थान से किया गया और इसके पीछे कौन व्यक्ति या समूह है। पुलिस की एक टीम आरोपियों की पहचान और उनकी तलाश में जुटी है।
परिवार से भी जुटाई जा रही जानकारी
जांच के दौरान पुलिस ढेबर परिवार से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, परिवार की पुरानी रंजिश और हाल के विवादों समेत कई बिंदुओं को जांच में शामिल किया गया है।
इसके अलावा अमन साव की गिरफ्तारी के दौरान अनवर ढेबर से हुई किसी संभावित बातचीत या संपर्क से जुड़े पहलू की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस धमकी भरे कॉल की वास्तविकता और इसके पीछे की वजह का पता लगाने के लिए उपलब्ध सभी तकनीकी और अन्य साक्ष्यों को खंगाल रही है।
गैंग से कनेक्शन की पुष्टि जांच के बाद
फिलहाल पुलिस जांच का प्रमुख बिंदु यह है कि धमकी देने वाला व्यक्ति वास्तव में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा है या उसने सिर्फ गैंग का नाम लेकर फिरौती मांगने की कोशिश की। गैंग से कथित कनेक्शन की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।