रायपुर। ‘हॉकी की नर्सरी’ के नाम से पहचान रखने वाले मैदान को जल्द नई एस्ट्रोटर्फ की सौगात मिलने जा रही है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने दिल्ली की एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। इसके बाद पुराने एस्ट्रोटर्फ को हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। विभाग के मुताबिक, नया एस्ट्रोटर्फ जनवरी तक तैयार होने की उम्मीद है। इसके बाद यहां अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता के आयोजन का रास्ता भी साफ हो सकेगा।

11 साल पहले 22 करोड़ से बना था स्टेडियम
करीब 11 साल पहले लगभग 22 करोड़ रुपये की लागत से पूरे स्टेडियम का निर्माण कराया गया था। इसमें एस्ट्रोटर्फ भी शामिल था। समय के साथ टर्फ खराब होने लगा। इसकी सतह उखड़ने के साथ कई जगह कीचड़ और काले धब्बे जमा हो गए थे।
मैदान की खराब स्थिति का सीधा असर खिलाड़ियों की प्रैक्टिस और प्रतियोगिताओं पर पड़ा। इसके चलते करीब 80 वर्षों से चली आ रही अखिल भारतीय महंत राजा सर्वेश्वरदास स्मृति हॉकी प्रतियोगिता के आयोजन की परंपरा भी प्रभावित हुई।
5.64 करोड़ की लागत से बिछेगा नया टर्फ
पिछले वर्ष मिली स्वीकृति के बाद अब करीब 5.64 करोड़ रुपये की लागत से नया एस्ट्रोटर्फ बिछाने का काम शुरू किया गया है। शनिवार से मजदूरों ने पुराने टर्फ को उखाड़ना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि करीब एक सप्ताह में पुराना एस्ट्रोटर्फ पूरी तरह हटा दिया जाएगा। इसके बाद नए टर्फ को बिछाने का काम शुरू होगा।
नए एस्ट्रोटर्फ के तैयार होने के बाद मैदान पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
सिर्फ एस्ट्रोटर्फ बदलना काफी नहीं
मैदान में नया एस्ट्रोटर्फ लगने के साथ ही खिलाड़ियों और आयोजकों को अन्य सुविधाओं की भी जरूरत होगी। मैदान में टर्फ की सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाला स्प्रिंकलर खराब बताया जा रहा है, जिसे दुरुस्त करना जरूरी होगा। मैचों के सुचारु आयोजन के लिए इसकी व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इसके अलावा मैदान में लंबे समय से फ्लड लाइट लगाने की मांग भी की जा रही है, ताकि शाम और रात के समय भी मुकाबले आयोजित किए जा सकें।
पवेलियन में शेड की भी मांग
खिलाड़ियों और दर्शकों की सुविधा के लिए पवेलियन के दोनों ओर कुर्सियों के ऊपर धूप से बचाव के लिए शेड लगाने की मांग भी सामने आई है। स्थानीय खेलप्रेमियों का कहना है कि नया एस्ट्रोटर्फ मैदान को नई पहचान देगा, लेकिन इसके साथ जरूरी सहायक सुविधाओं को भी विकसित किया जाना चाहिए।
नए एस्ट्रोटर्फ के काम के पूरा होने के बाद ‘हॉकी की नर्सरी’ में एक बार फिर बड़े स्तर की हॉकी प्रतियोगिताओं की वापसी की उम्मीद है।