रायपुर। कलेक्ट्रेट रायपुर में मंगलवार को कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने जिले के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में विदेशी विद्यार्थियों की सुरक्षा, आवास, आवागमन, संस्थागत जिम्मेदारी और पुलिस-प्रशासन के साथ समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने कहा कि विदेशी विद्यार्थियों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्र में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। विदेशी विद्यार्थी भारत में शिक्षा ग्रहण करने आते हैं, ऐसे में उन्हें सुरक्षित, अनुशासित और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना संबंधित विश्वविद्यालय एवं संस्थान की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
15 से 30 दिन में सुरक्षित हॉस्टल में शिफ्ट करने के निर्देश
बैठक में विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को विदेशी विद्यार्थियों के आवास और आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में जो विदेशी विद्यार्थी संस्थानों के छात्रावास से बाहर निजी मकानों, पीजी या अन्य स्थानों पर रह रहे हैं, उन्हें अगले 15 से 30 दिनों के भीतर संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए गए या संस्थान से संबद्ध सुरक्षित छात्रावास में स्थानांतरित करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
संस्थानों को विद्यार्थियों की सुविधा, सुरक्षा, स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध आवासीय संसाधनों को ध्यान में रखते हुए इसके लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
अप्रिय घटनाओं की रोकथाम के लिए निगरानी और काउंसलिंग
बैठक में कहा गया कि किसी भी अप्रिय घटना, दुर्घटना या कानून-विरोधी गतिविधि की स्थिति उत्पन्न होने से पहले संभावित कारणों की पहचान कर आवश्यक निरोधात्मक कदम उठाए जाएं।
प्रशासन और पुलिस को स्थानीय नागरिकों से समय-समय पर विदेशी विद्यार्थियों से संबंधित शिकायतें और सूचनाएं मिलने की बात भी बैठक में सामने आई। कुछ मामलों में विद्यार्थियों द्वारा अनुशासनहीनता या कानून-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की आशंका से जुड़ी शिकायतों का भी उल्लेख किया गया।
इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालयों को अपने स्तर पर प्रभावी निगरानी, नियमित काउंसलिंग और अनुशासन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
राष्ट्रीयता के आधार पर कार्रवाई नहीं, कानून तोड़ने पर होगी कार्रवाई
बैठक में स्पष्ट किया गया कि किसी भी विद्यार्थी के खिलाफ केवल उसकी राष्ट्रीयता के आधार पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति कानून का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि अलग-अलग देशों से आने वाले विद्यार्थियों की सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि अलग हो सकती है। ऐसे में विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी है कि वे विदेशी विद्यार्थियों को भारतीय कानून, स्थानीय रीति-रिवाज, सार्वजनिक आचरण और स्थानीय संवेदनशीलताओं की जानकारी दें।
विदेशी छात्रों का रिकॉर्ड अपडेट रखने के निर्देश
सभी विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को अपने यहां अध्ययनरत विदेशी विद्यार्थियों की अद्यतन एवं सत्यापित जानकारी व्यवस्थित रूप से संधारित करने के निर्देश दिए गए। आवश्यकता पड़ने पर यह जानकारी जिला प्रशासन के साथ साझा करने को कहा गया।
रिकॉर्ड में विद्यार्थियों की संख्या, संबंधित देश, पाठ्यक्रम, प्रवेश की स्थिति, छात्रावास या आवास का विवरण और आवश्यक संपर्क जानकारी सहित अन्य प्रासंगिक अभिलेख अपडेट रखने पर जोर दिया गया।
संस्थानों को विदेशी विद्यार्थियों के भारत आने से लेकर उनकी अध्ययन अवधि और आवास से संबंधित जरूरी जानकारी का रिकॉर्ड उपलब्ध रखने तथा किसी महत्वपूर्ण बदलाव की सूचना संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को समय पर देने के निर्देश दिए गए।
ओरिएंटेशन और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर
विश्वविद्यालयों को विदेशी विद्यार्थियों के लिए नियमित ओरिएंटेशन और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए भी कहा गया। इन कार्यक्रमों में आपातकालीन संपर्क नंबर, पुलिस सहायता, यातायात नियम, साइबर सुरक्षा और नशीले पदार्थों सहित अन्य कानून-विरोधी गतिविधियों से दूर रहने की जानकारी देने पर जोर दिया गया।
स्थानीय नागरिकों से भी सहयोग की अपील
प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से विदेशी विद्यार्थियों के प्रति सहयोगात्मक और संवेदनशील व्यवहार रखने की अपील की। किसी वास्तविक समस्या या कानून-विरोधी गतिविधि की जानकारी मिलने पर संबंधित विश्वविद्यालय प्रशासन, पुलिस या जिला प्रशासन को सूचना देने को कहा गया।
कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण ने विश्वविद्यालय प्रबंधन, विदेशी विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों से रायपुर को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
प्रशासन ने कहा कि सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय प्रबंधन, विद्यार्थी, अभिभावक और स्थानीय समाज के समन्वित प्रयास से ही सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।