छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के धरसींवा थाना क्षेत्र के सिलयारी में 13 वर्षीय नाबालिग बालिका के कथित अपहरण और दुष्कर्म के मामले को छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने गंभीरता से लेते हुए स्वतः संज्ञान लिया है।

- शुरुआती जांच में कथित रूप से पीड़िता द्वारा अपराध से इनकार किए जाने के आधार पर मामला बंद करने की तैयारी की जा रही थी।
- बाद में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और ऑडियो सामने आने के बाद मामले की दोबारा जांच हुई।
- पुनः जांच के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
- जांच में लापरवाही के आरोप में संबंधित चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
- आयोग ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPO), रायपुर को पीड़िता का बयान दर्ज कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
- आयोग ने बालिका और उसके अभिभावकों को 15 जून 2026 को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा है।
- सुनवाई के दौरान पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम तथा अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के पालन की समीक्षा की जाएगी।
यह मामला नाबालिगों की सुरक्षा, पुलिस जांच की गुणवत्ता और बाल अधिकारों के संरक्षण से जुड़े गंभीर प्रश्न उठाता है, इसलिए आयोग ने इसे विशेष निगरानी में लिया है।