रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत एक बार फिर प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। वह 7 से 9 अक्टूबर तक बस्तर संभाग के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे विभिन्न राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों में शामिल होने के साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे।

सुखदेव भगत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर जमीनी स्थिति का जायजा लेंगे और प्रभावित लोगों से मुलाकात कर बाढ़ से हुए नुकसान और उनकी समस्याओं की जानकारी लेंगे।
15 दिन में दूसरी बार छत्तीसगढ़ दौरे पर सुखदेव भगत
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी बनने के बाद यह सुखदेव भगत का करीब 15 दिनों के भीतर दूसरा छत्तीसगढ़ दौरा होगा। इस बार उनका फोकस बस्तर क्षेत्र पर रहेगा।
7 से 9 अक्टूबर तक बस्तर में प्रवास के दौरान वे पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में जाकर स्थानीय लोगों और प्रभावित परिवारों से बातचीत करेंगे।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लेंगे हालात की जानकारी
दौरे के दौरान सुखदेव भगत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर हालात का जायजा लेंगे। वे प्रभावित लोगों से बातचीत कर यह जानने की कोशिश करेंगे कि बाढ़ के कारण कितना नुकसान हुआ और लोगों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
बस्तर और बीजापुर समेत कई इलाकों में बारिश के दौरान नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बनी थी। कई जगहों पर जनजीवन प्रभावित हुआ और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन को रेस्क्यू अभियान चलाना पड़ा।
बस्तर में भारी बारिश से बिगड़े थे हालात
मानसून के सक्रिय होने के बाद बस्तर क्षेत्र में लगातार हुई भारी बारिश के चलते कई नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया था। बाढ़ का असर बस्तर और बीजापुर क्षेत्रों में भी देखने को मिला।
कई इलाकों में घरों में पानी भर गया था और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जरूरत पड़ी। स्थिति गंभीर होने पर राहत और बचाव अभियान में प्रशासन के साथ अन्य एजेंसियों की भी मदद ली गई।
भारतीय वायुसेना ने चलाया था रेस्क्यू अभियान
बाढ़ की गंभीर स्थिति के दौरान प्रभावित लोगों को निकालने के लिए भारतीय वायुसेना की भी मदद ली गई थी। स्पेशल MI-17 हेलीकॉप्टर के जरिए रेस्क्यू अभियान चलाया गया था।
अब कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत अपने बस्तर दौरे के दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर हालात और लोगों को हुए नुकसान की जानकारी लेंगे। उनका यह दौरा संगठनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ बाढ़ प्रभावित लोगों की स्थिति को समझने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।