मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना, कथित भ्रष्टाचार और कांग्रेस के ‘घर वापसी अभियान’ को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इन मुद्दों पर राज्य सरकार से सवाल किए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर लाड़ली बहनों को हर महीने 3,000 रुपये देने के वादे पर जवाब मांगा। उन्होंने कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग भी की। वहीं, कांग्रेस के घर वापसी अभियान पर भाजपा ने पलटवार करते हुए पार्टी में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं की संख्या को लेकर सवाल उठाए।

लाड़ली बहनों को 3,000 रुपये देने के वादे पर PM मोदी को पत्र
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को 3,000 रुपये देने के वादे पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि यह वादा कब पूरा होगा और योजना में नई पात्र महिलाओं को शामिल करने की प्रक्रिया कब शुरू की जाएगी।
पटवारी ने मांग की कि योजना के लिए नए पंजीयन तत्काल शुरू किए जाएं और पात्र होने के बावजूद छूट गई महिलाओं के नाम जोड़े जाएं। उन्होंने योजना से हटाई गई महिलाओं के नाम और उन्हें हटाने के कारण सार्वजनिक करने की मांग भी की।
कांग्रेस नेता ने कहा कि नए नाम जोड़ने को लेकर मंत्रियों के बयानों में विरोधाभास है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
पटवारी ने दावा किया कि प्रदेश में करीब 4 करोड़ बहनों में से केवल 1 करोड़ महिलाओं को ही योजना की राशि मिल रही है, जबकि 3 करोड़ महिलाएं इससे दूर हैं। उन्होंने प्रदेश की आर्थिक, प्रशासनिक और राजनीतिक स्थिति पर भी सवाल उठाए।
सरकारी बाबुओं की संपत्ति को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप
जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों, खासकर बाबुओं के पास कथित तौर पर करोड़ों और अरबों रुपये की संपत्ति मिलने के मामलों को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी संपत्ति होने के बावजूद उसके स्रोतों का हिसाब क्यों नहीं मिलता।
पटवारी ने प्रदेश में भ्रष्टाचार गहराने का आरोप लगाते हुए मंत्रियों और उनके रिश्तेदारों पर भी निशाना साधा। हालांकि, उनके इन आरोपों के संबंध में संबंधित मामलों की जांच और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
भ्रष्टाचार की जांच के लिए SIT गठित करने की मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मध्य प्रदेश में कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT गठित करने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि भ्रष्टाचार के जरिए जुटाई गई संपत्ति से प्रदेश का कर्ज चुकाया जा सकता है और इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप करने की अपील की।
पटवारी ने लोकायुक्त से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि 300 से अधिक IAS और IPS अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की सिफारिश की गई है। इस दावे के संदर्भ में संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड और सिफारिशों की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।
कांग्रेस का ‘घर वापसी अभियान’, 600 आवेदन मिलने का दावा
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने पार्टी छोड़कर जा चुके नेताओं और कार्यकर्ताओं को वापस जोड़ने के लिए ‘घर वापसी अभियान’ शुरू किया है। जीतू पटवारी के मुताबिक, कांग्रेस में दोबारा शामिल होने के लिए करीब 600 आवेदन आए हैं। इनमें पूर्व जिला अध्यक्ष और पार्टी के अन्य पूर्व पदाधिकारी भी शामिल हैं।
पटवारी ने कहा कि घर वापसी का फैसला संबंधित जिला कांग्रेस इकाइयों की सहमति से किया जाएगा। जिलों से मंजूरी मिलने के बाद ही नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी में शामिल कराया जाएगा।
इसी क्रम में पटवारी ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में भीम आर्मी के प्रदेश पदाधिकारियों को कांग्रेस में शामिल कराया।
घर वापसी अभियान पर BJP का पलटवार
कांग्रेस के घर वापसी अभियान को लेकर भाजपा ने भी प्रतिक्रिया दी। भाजपा मीडिया अध्यक्ष बृजगोपाल लोया ने जीतू पटवारी के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के 2 लाख कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हुए थे। उन्होंने पटवारी को अपनी सूची अपडेट करने की सलाह दी।
लोया ने कहा कि पटवारी के दावों की वास्तविकता आने वाले समय में सामने आएगी। उन्होंने कांग्रेस के सामाजिक प्रभाव पर भी सवाल उठाए।
इस तरह मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना, कथित भ्रष्टाचार और राजनीतिक दलों में नेताओं-कार्यकर्ताओं की आवाजाही को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।