भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज करने की मांग अस्वीकार कर दी है।
- अब मामले की सुनवाई मेरिट (तथ्यों और साक्ष्यों) के आधार पर होगी।
- मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की एकल पीठ में हुई।
- अगली सुनवाई 23 जून को निर्धारित की गई है।
- यह चुनाव याचिका विजय बघेल ने दायर की है, जिन्होंने 2023 विधानसभा चुनाव में पाटन सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था।

- याचिका में आरोप है कि मतदान से पहले प्रचार-प्रतिबंध (Silence Period) के दौरान भूपेश बघेल ने पाटन क्षेत्र में रोड शो और रैली कर वोट मांगे, जिससे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 का उल्लंघन हुआ।
- भूपेश बघेल की ओर से तर्क दिया गया कि आरोपों के समर्थन में पर्याप्त प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं हैं और याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।
- हाईकोर्ट ने माना कि याचिका में सुनवाई के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं, इसलिए इसे प्रारंभिक स्तर पर खारिज नहीं किया जा सकता।
- इससे पहले मामले में भूपेश बघेल सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया भी गए थे, जहां से उन्हें हाईकोर्ट में मेंटेनेबिलिटी (सुनवाई योग्य होने) के मुद्दे पर नया आवेदन देने की अनुमति मिली थी।
मुख्य महत्व:
हाईकोर्ट ने अभी भूपेश बघेल को दोषी या निर्दोष नहीं ठहराया है। अदालत ने केवल यह कहा है कि याचिका में उठाए गए मुद्दों की विस्तृत सुनवाई की जानी चाहिए। अब आगे की सुनवाई में दोनों पक्ष साक्ष्य और दलीलें पेश करेंगे, जिसके बाद अदालत मामले पर निर्णय देगी।