November 4, 2026

इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में पिछले तीन साल से अटकी RE-2 (रिंग रोड एक्सटेंशन-2) मार्ग की कनेक्टिविटी पूरी करने की कवायद तेज हो गई है। बंगाली चौराहे से पिपलियाना के बीच सड़क निर्माण में बाधा बन रहे 300 से अधिक मकानों और अन्य निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है। जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम मौके पर मौजूद है। कार्रवाई के बाद इस हिस्से में सड़क निर्माण का काम आगे बढ़ाने की तैयारी है।

बंगाली चौराहे से पिपलियाना तक एक किलोमीटर हिस्से पर कार्रवाई

RE-2 मार्ग के बंगाली चौराहे से पिपलियाना के बीच करीब एक किलोमीटर के हिस्से में सड़क निर्माण का रास्ता साफ करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई के दायरे में मुख्य रूप से तीन बस्तियां शामिल हैं।

  • पिपलियाना-शेरकांकड़: यहां 70 से अधिक मकान प्रभावित बताए जा रहे हैं।
  • शिवनगर: इस क्षेत्र में करीब 115 मकान चिह्नित किए गए हैं।
  • शिव दर्शन नगर: यहां लगभग 72 आवासों पर कार्रवाई की जा रही है।

इन क्षेत्रों में मकानों के साथ सड़क निर्माण में बाधा माने जा रहे अन्य निर्माणों को भी हटाया जा रहा है। हालांकि, प्रभावित मकानों और परिवारों की अंतिम संख्या प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार स्पष्ट होगी।

पुलिस बल और प्रशासनिक अमला तैनात

कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी भी अभियान की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर की मदद से बाधक निर्माण हटाए जा रहे हैं।

प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण और अन्य बाधाएं हटने के बाद संबंधित हिस्से में सड़क निर्माण का काम शुरू किया जाएगा। इस कार्रवाई से RE-2 मार्ग की लंबित कनेक्टिविटी को पूरा करने का रास्ता खुलने की उम्मीद है।

तीन साल से अटकी कनेक्टिविटी पूरी होने की उम्मीद

RE-2 मार्ग का बंगाली चौराहे से पिपलियाना तक का हिस्सा लंबे समय से अधूरा है। इसके पूरा होने से शहर में सड़क संपर्क बेहतर होने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

प्रशासन की प्राथमिकता बाधक निर्माण हटाकर सड़क निर्माण को आगे बढ़ाना है। कनेक्टिविटी पूरी होने के बाद शहर के संबंधित क्षेत्रों में आवागमन आसान हो सकता है और यातायात दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।

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