मध्य प्रदेश के उज्जैन में विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से पथ संचलन निकाला गया। मंगलवार को शहर की 65 बस्तियों में स्वयंसेवक पारंपरिक गणवेश में अनुशासित कदमताल करते नजर आए। इस दौरान कई स्थानों पर रंगोली सजाकर और फूल बरसाकर स्वयंसेवकों का स्वागत किया गया।

संघ की ओर से उज्जैन में 20 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक अलग-अलग बस्तियों और क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से पथ संचलन आयोजित किया जा रहा है।
लाठी और बैंड की धुन के साथ निकले स्वयंसेवक
विजयादशमी पर पथ संचलन निकालने की परंपरा के तहत मंगलवार को उज्जैन की अलग-अलग बस्तियों में स्वयंसेवक एकत्र हुए। पारंपरिक गणवेश में हाथों में लाठी लेकर वे बैंड की धुन पर कदमताल करते हुए निर्धारित मार्गों से गुजरे।
संचलन के स्वागत के लिए लोग रास्तों के दोनों ओर खड़े रहे। कई जगह आकर्षक रंगोलियां बनाई गईं और स्वयंसेवकों पर फूल बरसाए गए। संचलन पूरा होने के बाद स्वयंसेवक अपनी-अपनी बस्तियों में वापस पहुंचे।
पथ संचलन से पहले हुआ गीत, बौद्धिक और प्रार्थना का आयोजन
पथ संचलन शुरू होने से पहले अलग-अलग बस्तियों में गीत, अमृत वचन, बौद्धिक और प्रार्थना के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके बाद स्वयंसेवक अनुशासित तरीके से एक साथ पथ संचलन के लिए रवाना हुए।
संघ की योजना के मुताबिक, 20 से 25 अक्टूबर तक शहर के विभिन्न क्षेत्रों में यह आयोजन जारी रहेगा। इस दौरान अलग-अलग बस्तियों से स्वयंसेवक पथ संचलन में हिस्सा लेंगे।
RSS के स्थापना दिवस और शताब्दी वर्ष का विशेष महत्व
विजयादशमी का पर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। इस अवसर पर देशभर में संघ की ओर से पथ संचलन और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इस वर्ष संघ अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है। ऐसे में स्थापना दिवस के कार्यक्रमों का विशेष महत्व है। उज्जैन में भी 65 बस्तियों में आयोजित पथ संचलन के दौरान स्वयंसेवकों का स्थानीय लोगों ने जगह-जगह स्वागत किया।