उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही प्रसिद्ध मां हरसिद्धि मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। नवरात्रि के पहले दिन सुबह से ही माता रानी के दर्शन के लिए भक्त पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु फूल, प्रसाद और चुनरी अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के बीच भक्तिमय माहौल बना हुआ है।

मां हरसिद्धि मंदिर उज्जैन के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। नवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना होती है और दूर-दराज से श्रद्धालु माता का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं।
51 शक्तिपीठों में शामिल है मां हरसिद्धि मंदिर
मां हरसिद्धि मंदिर का धार्मिक और पौराणिक महत्व विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब माता सती ने अपने पिता दक्ष के यज्ञ में देह त्याग दी थी, तब भगवान शिव उनके पार्थिव शरीर को लेकर शोक में विचरण करने लगे थे।
पौराणिक कथा के मुताबिक, सृष्टि का संतुलन बनाए रखने के लिए भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर को खंडित किया था। मान्यता है कि जहां-जहां उनके अंग और आभूषण गिरे, वे स्थान शक्तिपीठ के रूप में पूजे जाने लगे।
मां हरसिद्धि मंदिर को भी 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। स्थानीय धार्मिक मान्यता के अनुसार, यहां माता सती की कोहनी गिरी थी। इसी कारण यह मंदिर शक्ति उपासना के प्रमुख केंद्रों में गिना जाता है।
राजा विक्रमादित्य की आराध्य देवी हैं मां हरसिद्धि
मां हरसिद्धि मंदिर का संबंध उज्जैन के प्रसिद्ध राजा विक्रमादित्य से भी जुड़ा हुआ है। लोककथाओं और धार्मिक परंपराओं में मां हरसिद्धि को राजा विक्रमादित्य की आराध्य देवी बताया जाता है।
प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, राजा विक्रमादित्य मां के अनन्य भक्त थे और उन्होंने देवी की आराधना की थी। मंदिर से जुड़ी ये कथाएं उज्जैन की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
विशाल दीपमालिकाएं और श्री यंत्र हैं खास आकर्षण
मां हरसिद्धि मंदिर परिसर में स्थित दो विशाल दीपमालिकाएं इसकी प्रमुख पहचान हैं। विशेष अवसरों पर जब इन दीपमालिकाओं में दीप प्रज्वलित किए जाते हैं, तो मंदिर परिसर का दृश्य भक्तों को आकर्षित करता है।
मंदिर में स्थापित श्री यंत्र भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। शक्ति उपासना की परंपरा में श्री यंत्र को पवित्र प्रतीक माना जाता है। भक्त इसके दर्शन कर माता का आशीर्वाद लेते हैं।
नवरात्रि के नौ दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना
शारदीय नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस अवसर पर मां हरसिद्धि मंदिर में भी श्रद्धालु विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। भक्त व्रत रखते हैं और माता को फूल, चुनरी तथा प्रसाद अर्पित कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।
नवरात्रि के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से परिसर में विशेष धार्मिक रौनक देखने को मिलती है।
उज्जैन की धार्मिक पहचान का अहम हिस्सा
मां हरसिद्धि मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान ही नहीं, बल्कि उज्जैन की धार्मिक पहचान और प्राचीन परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण तीर्थस्थल भी है। पौराणिक मान्यताओं, राजा विक्रमादित्य से जुड़ी लोककथाओं और मंदिर की विशिष्ट संरचना के कारण इसका विशेष महत्व है।
शारदीय नवरात्रि के अवसर पर यहां पहुंच रहे श्रद्धालु मां के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं।