मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में कथित अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का मामला एक बार फिर चर्चा में है। जैतपुर थाना क्षेत्र में देर रात हाइवा की चपेट में आने से बाइक सवार ग्रामीण सोनू वर्मा की मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पेट्रोल पंप के सामने शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया और क्षेत्र में कथित अवैध रेत कारोबार पर रोक लगाने की मांग उठाई।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि हादसे में शामिल हाइवा अवैध रेत लोड करने के लिए जा रहा था। हालांकि, हाइवा की गतिविधियों और हादसे के कारणों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
पेट्रोल पंप से पेट्रोल भरवाकर जा रहे थे सोनू वर्मा
मिली जानकारी के मुताबिक, सोनू वर्मा भटिया पेट्रोल पंप से अपनी बाइक में पेट्रोल डलवाकर जा रहे थे। इसी दौरान हाइवा की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।
घटना की खबर फैलते ही क्षेत्र में नाराजगी बढ़ गई। ग्रामीणों ने पेट्रोल पंप के सामने शव रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों की जांच करने और कथित अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर रोक लगाने की मांग की।
कुनुक नदी से अवैध रेत परिवहन का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि जैतपुर थाना क्षेत्र की कुनुक नदी से कथित तौर पर अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है। इसके बाद हाइवा और अन्य वाहनों के जरिए रेत का परिवहन किया जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गतिविधि को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से नाराजगी है। सोनू वर्मा की मौत के बाद यह असंतोष खुलकर सामने आया और ग्रामीणों ने संबंधित विभागों से सख्त कार्रवाई की मांग की।
हालांकि, कुनुक नदी से रेत के अवैध उत्खनन और हादसे में शामिल हाइवा की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
अधिकारियों की समझाइश के बाद शांत हुआ प्रदर्शन
हादसे के बाद ग्रामीणों ने पेट्रोल पंप के सामने शव रखकर विरोध जताया। देर रात मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी, जिसके बाद स्थिति शांत हुई।
ग्रामीणों की मांग है कि हादसे की जांच के साथ क्षेत्र में रेत के कथित अवैध कारोबार पर भी प्रभावी कार्रवाई की जाए। पुलिस की कार्रवाई और हादसे के कारणों से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
पहले भी अवैध रेत परिवहन रोकने के दौरान हो चुकी हैं अधिकारियों की मौत
शहडोल जिले में नदियों और नालों से कथित अवैध रेत उत्खनन तथा परिवहन का मुद्दा पहले भी चर्चा में रहा है। इससे पहले जिले में अवैध रेत कारोबार रोकने की कार्रवाई के दौरान दो अधिकारियों की वाहनों से कुचलकर मौत होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
इन घटनाओं के बावजूद स्थानीय लोग आरोप लगाते रहे हैं कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया है।
सोनू वर्मा की मौत के बाद ग्रामीणों ने एक बार फिर इस कारोबार पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है। अब हादसे की जांच, हाइवा की गतिविधियों और कथित अवैध रेत परिवहन को लेकर संबंधित विभाग क्या कार्रवाई करते हैं, इस पर नजर रहेगी।