मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने 20 अक्टूबर, दशहरे से उज्जैन से अयोध्या तक ‘सत्य सनातन यात्रा’ निकालने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर सवाल उठाए। दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी आरोप लगाए और बिहार के नेता सम्राट चौधरी के बयान को लेकर उनके इस्तीफे की मांग की।

20 अक्टूबर से शुरू होगी ‘सत्य सनातन यात्रा’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिग्विजय सिंह ने बताया कि दशहरे के अवसर पर 20 अक्टूबर को ‘सत्य सनातन यात्रा’ की शुरुआत की जाएगी। प्रस्तावित पदयात्रा उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जाएगी।
उन्होंने बताया कि यात्रा की शुरुआत उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में सुबह 9 बजे भगवान महाकाल के दर्शन और आशीर्वाद लेने के बाद होगी। इस घोषणा के साथ दिग्विजय सिंह ने अपनी आगामी यात्रा की रूपरेखा भी सामने रखी।
चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल
दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने भी इस प्रक्रिया के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के तहत देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया, फॉर्म-6 में किए गए बदलावों और चुनाव आयोग द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे सॉफ्टवेयर को लेकर भी सवाल उठाए।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के चयन को लेकर भी आपत्ति जताई। हालांकि, नाम हटाए जाने की संख्या और प्रक्रिया से जुड़े इन दावों की पुष्टि के लिए आधिकारिक आंकड़ों और संबंधित न्यायिक रिकॉर्ड को देखना आवश्यक है।
शिवराज सिंह चौहान पर वन भूमि और आदिवासियों के मुद्दे पर हमला
दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर वन भूमि और आदिवासियों से जुड़े मुद्दों को लेकर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि शिवराज सिंह चौहान ने जंगल कटवाकर आदिवासियों को जमीन पर कब्जा दिलाया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों के घर तोड़े गए हैं, उन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों के पास रहने के लिए घर नहीं हैं, कांग्रेस उनके साथ खड़ी है।
इसके साथ ही दिग्विजय सिंह ने वन भूमि पर कथित अवैध कब्जों के मामलों की जांच और नियमों के अनुसार कार्रवाई की मांग भी की। उनके बयान में प्रभावित परिवारों के साथ न्याय और वन भूमि से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच पर जोर दिया गया।
सम्राट चौधरी के बयान पर नाराजगी, इस्तीफे की मांग
बिहार के नेता सम्राट चौधरी के बयान पर भी दिग्विजय सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बयान को निंदनीय बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सम्राट चौधरी का इस्तीफा लेने की मांग की।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि सम्राट चौधरी को अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सम्राट चौधरी के उस बयान का पूरा संदर्भ नहीं दिया गया है, जिस पर दिग्विजय सिंह ने आपत्ति जताई।
कई मुद्दों पर दिग्विजय सिंह के बयान से सियासी हलचल
भोपाल में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिग्विजय सिंह ने धार्मिक पदयात्रा की घोषणा के साथ चुनाव आयोग, वन भूमि, आदिवासियों और बिहार की राजनीति से जुड़े मुद्दे उठाए। उनके बयानों के केंद्र में मतदाता सूची की प्रक्रिया, प्रभावित परिवारों के मामलों की जांच और सम्राट चौधरी से इस्तीफे की मांग रही।