मध्य प्रदेश के खंडवा में विजयादशमी पर रावण दहन की तैयारियों पर मौसम ने पानी फेर दिया। मंगलवार शाम तेज हवा, आंधी और बारिश के चलते रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों को भारी नुकसान पहुंचा। कहीं पुतले जमीन पर गिर गए तो कहीं उनकी गर्दन टूटकर नीचे आ गई। कुछ पुतले सीधे खड़े भी नहीं हो पा रहे हैं। इस वजह से आयोजकों को रावण दहन के कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा है।

खंडवा में दशहरे पर चार अलग-अलग स्थानों पर रावण दहन के आयोजन की तैयारी की गई थी। करीब आधे घंटे तक चली तेज हवा और बारिश ने मैदानों में अफरा-तफरी का माहौल बना दिया। एक ओर आयोजन समितियां पुतलों को दोबारा तैयार करने में जुटी हैं, वहीं एसएन कॉलेज ग्राउंड की समिति ने रावण दहन का कार्यक्रम अगले दिन के लिए टाल दिया है।
तेज हवा और बारिश से पुतलों को नुकसान
खंडवा के गुरु गोविंद सिंह स्टेडियम में रात करीब 8 बजे रावण दहन का कार्यक्रम निर्धारित था। लेकिन शाम 6:30 से 7 बजे के बीच तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई। इससे पुतले भीग गए और उन्हें काफी नुकसान पहुंचा।
बारिश के कारण एक पुतला जमीन पर गिर गया, जबकि दूसरे की गर्दन टूटकर नीचे आ गई। तीसरा पुतला भी ठीक से खड़ा नहीं हो पा रहा है। मैदान में पानी भरने से चारों तरफ कीचड़ फैल गया, जिससे आयोजन की तैयारियों में जुटे लोगों की परेशानी बढ़ गई।
पुतलों के अंदर रखे पटाखे भी भीगे
रावण दहन के लिए पुतलों के अंदर पटाखे भी रखे गए थे। बारिश के कारण इनके भी भीगने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद आयोजन समिति के सदस्य पुतलों को दोबारा तैयार करने में जुट गए। आयोजकों को उम्मीद है कि मरम्मत और जरूरी इंतजाम के बाद कार्यक्रम संपन्न कराया जा सकेगा।
कहीं आज तो कहीं कल होगा रावण दहन
खंडवा में एसएन कॉलेज ग्राउंड, रामनगर, नवचंडी धाम और गुरु गोविंद सिंह स्टेडियम में रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। बारिश से हुए नुकसान के बाद अलग-अलग समितियों ने अपने स्तर पर फैसला लिया है।
एसएन कॉलेज ग्राउंड की आयोजन समिति ने रावण दहन का कार्यक्रम स्थगित कर अगले दिन आयोजित करने का निर्णय लिया है। वहीं गुरु गोविंद सिंह स्टेडियम में उसी दिन रावण दहन कराने की तैयारी जारी है। आयोजक पुतलों को ठीक करने और मैदान की स्थिति सुधारने में जुटे हैं।