मध्य प्रदेश शासन के बेड़े में कनाडा की विमान निर्माता कंपनी बॉम्बार्डियर का अत्याधुनिक ‘चैलेंजर 3500’ बिजनेस जेट शामिल हो गया है। विमान भोपाल पहुंच चुका है। इसके आने से सरकार को चार्टर्ड विमानों पर होने वाले खर्च में कमी आने की उम्मीद है। हालांकि, नियमित सरकारी उड़ानें शुरू करने से पहले विमान के पंजीयन, तकनीकी जांच और अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। अनुमान है कि इस प्रक्रिया में करीब 45 दिन लग सकते हैं।

250 करोड़ रुपये तक बताई जा रही विमान की कीमत
विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, चैलेंजर 3500 की खरीद लागत करीब 230 से 250 करोड़ रुपये बताई गई है। कर और अन्य खर्चों को शामिल करने के बाद कुल लागत के अनुमान अलग-अलग हैं। वहीं, विमान के लिए लगभग 268 करोड़ रुपये का बीमा प्रस्तावित किया गया है।
सरकार को उम्मीद है कि नए विमान के संचालन से हवाई यात्राओं पर होने वाला मासिक खर्च, चार्टर्ड विमानों के मौजूदा खर्च का करीब एक-तिहाई रह जाएगा। दरअसल, कोविड काल के दौरान प्रदेश का पिछला सरकारी विमान ग्वालियर में क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद से सरकारी यात्राओं के लिए चार्टर्ड विमानों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
नए विमान के संचालन के लिए कम से कम 1,800 मीटर लंबे रनवे की आवश्यकता होगी। बताया जा रहा है कि प्रदेश की करीब 20 हवाई पट्टियों में से केवल तीन पर ही इतनी लंबाई का रनवे उपलब्ध है। ऐसे में विमान की उपयोगिता के लिए एयरस्ट्रिप और रनवे की उपलब्धता भी अहम होगी।
नियमित उड़ान से पहले पूरी करनी होंगी ये प्रक्रियाएं
विमान भोपाल पहुंचने के बावजूद तत्काल सरकारी उड़ानें शुरू नहीं हो सकेंगी। इसे संचालन के लिए तैयार करने में करीब 45 दिन लगने का अनुमान है। इससे पहले कई तकनीकी और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
- भारतीय पंजीयन: विमान का भारत में पंजीकरण और लागू विमानन नियमों के तहत जरूरी अनुपालन।
- कस्टम्स प्रक्रिया: विदेश से आए विमान से जुड़ी सीमा शुल्क संबंधी औपचारिकताएं।
- तकनीकी जांच: विमान की स्थिति, उपकरणों और सुरक्षा प्रणालियों का परीक्षण।
- पायलटों की तैयारी: पायलटों की योग्यता, प्रशिक्षण और आवश्यक प्राधिकरण से जुड़ी शर्तें पूरी करना।
- टेस्ट फ्लाइट: जरूरत के मुताबिक परीक्षण उड़ान का संचालन।
इन सभी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही विमान नियमित सरकारी उड़ानों के लिए उपलब्ध हो सकेगा।
9 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था, करीब 6,297 किमी की रेंज
बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 को लग्जरी बिजनेस जेट की श्रेणी में रखा जाता है। प्रकाशित तकनीकी जानकारियों के मुताबिक, इसकी अधिकतम उड़ान क्षमता करीब 6,297 किलोमीटर है। हालांकि, वास्तविक दूरी यात्रियों की संख्या, मौसम और अन्य परिचालन परिस्थितियों के आधार पर बदल सकती है।
विमान के केबिन में नौ यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है, जबकि पायलटों के लिए अलग कॉकपिट दिया गया है। लंबी दूरी की यात्रा के दौरान आराम को ध्यान में रखते हुए इसमें विशेष नुआज सीटें लगाई गई हैं। इसकी क्षमता से प्रदेश के भीतर और बाहर सरकारी यात्राओं को सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है।
मध्य प्रदेश में हवाई नेटवर्क के विस्तार की तैयारी
राज्य सरकार हवाई सुविधाओं का विस्तार करने की योजना पर भी काम कर रही है। इसके तहत पांच नए एयरपोर्ट को मंजूरी देने की प्रक्रिया चल रही है, जिनमें सिंगरौली को प्राथमिकता दिए जाने की बात सामने आई है।
इसके अलावा उड़ान योजना के तहत 10 हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल आठ एयरपोर्ट, 20 से अधिक हवाई पट्टियां और करीब 220 हेलीपैड हैं।
सरकार की आगामी योजना प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड बनाने की भी है। यदि ये प्रस्ताव आगे बढ़ते हैं, तो इससे राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक हवाई संपर्क बढ़ाने में मदद मिल सकती है।