जगदलपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के बस्तर दशहरा प्रवास के दौरान जगदलपुर के लालबाग मैदान में शुक्रवार की सुबह एक अनूठा नजारा देखने को मिला। मैदान का बड़ा हिस्सा विशाल कैनवास में तब्दील हो गया, जहां 15 से अधिक प्रकार की वनोपज और अनाज से 20,700 वर्गफीट क्षेत्रफल में भव्य रंगोली तैयार की गई। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन विभाग की ओर से बनाई गई इस कलाकृति को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने प्रमाणित किया है।

इस अनोखी रंगोली का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और अन्य अतिथियों ने अवलोकन किया।
वनोपज से उकेरी गई बस्तर की संस्कृति और विकास की तस्वीर
रंगोली के माध्यम से बस्तर की समृद्ध जनजातीय विरासत, विशिष्ट सांस्कृतिक परंपराओं, प्राकृतिक संपदा और क्षेत्र की विकास यात्रा को प्रदर्शित किया गया। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें इस्तेमाल किए गए रंग स्थानीय वनवासी समुदायों द्वारा एकत्र की गई वनोपज और अनाज से तैयार किए गए थे।
इस कलात्मक प्रस्तुति में बस्तर के जंगलों, वनवासी जीवन, जनजातीय संस्कृति और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के सम्मानित स्वरूप को भी उकेरा गया। इसके जरिए नक्सलवाद के खात्मे के बाद बदलते बस्तर की तस्वीर और क्षेत्र की विकास आकांक्षाओं को भी सामने रखने का प्रयास किया गया।
आजीविका और पारंपरिक ज्ञान का प्रतीक बनी रंगोली
यह विशाल रंगोली केवल एक कलाकृति नहीं, बल्कि बस्तर की प्राकृतिक संपदा, स्थानीय समुदायों की सृजनशीलता और पारंपरिक ज्ञान का प्रतीक भी रही। वनोपज यहां के जनजातीय और वनवासी समुदायों की आजीविका, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ी है।
प्रस्तुति के माध्यम से वनोपज आधारित आजीविका को बढ़ावा देने, पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और स्थानीय संसाधनों के सतत उपयोग के जरिए क्षेत्र के समावेशी विकास की संभावनाओं को रेखांकित किया गया।
राष्ट्रपति के बस्तर आगमन पर दिखा उत्साह
गौरतलब है कि बस्तर दशहरा के दौरान पहली बार देश की राष्ट्रपति का माई दंतेश्वरी की धरती पर आगमन हुआ। दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 23 अक्टूबर को जगदलपुर आई थीं। यहां मां दंतेश्वरी के दर्शन के बाद उन्होंने मुरिया दरबार में हिस्सा लिया और फिर लालबाग मैदान में आयोजित सभा को संबोधित किया।
बस्तर दशहरा अपनी विशिष्ट परंपराओं, जनजातीय आस्थाओं और सामुदायिक सहभागिता के लिए देशभर में अलग पहचान रखता है। ऐसे सांस्कृतिक अवसर पर वनोपज से तैयार विशाल रंगोली ने क्षेत्र की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को एक अनूठे अंदाज में प्रस्तुत किया।
कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
राष्ट्रपति के प्रवास कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, सांसद महेश कश्यप और जगदलपुर विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।