November 7, 2026

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से करीब 250 टन लौह स्क्रैप चोरी के मामले में अब CBI ने जांच की कमान संभाल ली है। राज्य पुलिस की जांच के बाद मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपे जाने से प्रदेश में सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। सत्ता पक्ष जहां CBI जांच से मामले की पूरी सच्चाई सामने आने की बात कह रहा है, वहीं कांग्रेस ने जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपे जाने पर सवाल उठाए हैं।

CM साय बोले- अब दूध का दूध और पानी का पानी होगा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने BSP स्क्रैप चोरी मामले की CBI जांच को लेकर कहा कि अब मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी करेगी और इससे सच्चाई सामने आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले में CBI को जांच सौंप दी गई है। अब “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा।

डिप्टी CM विजय शर्मा ने कहा- व्यापक जांच की जरूरत

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इस मामले में काफी समय से जांच चल रही थी। उनके मुताबिक, मामले की व्यापक और स्पष्ट जांच की जरूरत थी।

उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया है। लगातार बड़े स्तर पर जांच की मांग सामने आने के बाद अब केस CBI को भेजा गया है।

दीपक बैज ने CBI जांच पर उठाए सवाल

मामले की जांच CBI को सौंपे जाने पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या राज्य पुलिस इस मामले की जांच करने में सक्षम नहीं थी?

बैज ने दावा किया कि यह बड़ी चोरी का मामला है और इसमें संबंधित लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि CBI की जांच में उन नेताओं को भी पूछताछ के दायरे में शामिल किया जाएगा या नहीं, जिनके नाम मामले में सामने आने का दावा किया जा रहा है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मामले को लंबा खींचने के लिए जांच CBI को सौंपी गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

क्या है BSP स्क्रैप चोरी का मामला?

जानकारी के मुताबिक, 26 मई 2026 को पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित एके ट्रेडर्स और हथखोज के प्लॉट नंबर-18 में कार्रवाई की थी।

जांच के दौरान पुलिस को कई हाईवा, ट्रक और अन्य वाहनों में फ्लू डस्ट के साथ लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री मिली थी। कार्रवाई में करीब 250 टन लौह स्क्रैप जब्त किया गया था।

इसके अलावा स्क्रैप की लोडिंग और ढुलाई में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन, JCB, हाइड्रा और अन्य मशीनें भी जब्त की गई थीं।

3.22 करोड़ रुपये का सामान जब्त

पुलिस के मुताबिक, जब्त किए गए स्क्रैप, वाहनों और मशीनरी की कुल कीमत करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपये आंकी गई थी। इसमें लगभग 90 लाख रुपये का लौह स्क्रैप शामिल बताया गया।

मामले में पुलिस अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें संजय सिंह समेत पांच आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, जबकि तीन कारोबारियों ने अग्रिम जमानत हासिल की है।

CBI जांच से बढ़ी राजनीतिक हलचल

BSP स्क्रैप चोरी मामले में CBI की एंट्री के बाद अब जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है। सत्ता पक्ष का कहना है कि केंद्रीय एजेंसी की जांच से मामले में शामिल लोगों और पूरे नेटवर्क की स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं कांग्रेस ने CBI को जांच सौंपे जाने के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे मामले को लंबा खींचने का आरोप लगाया है।

अब CBI की जांच और उसके निष्कर्षों से ही यह स्पष्ट होगा कि स्क्रैप चोरी मामले में कथित चोरी का पूरा नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें किन लोगों की भूमिका सामने आती है।

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