भोपाल। राजधानी भोपाल में MBBS इंटर्न्स पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। प्रदर्शनकारी इंटर्न डॉक्टरों की मांगों और पुलिस कार्रवाई को लेकर अब सरकार भी सक्रिय हो गई है। मामले को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने गांधी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।
बैठक के बाद डिप्टी सीएम ने बातचीत को सकारात्मक बताया और कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को लेकर गंभीर है। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की जांच कराने की बात भी कही है।

लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों की होगी जांच
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि हमीदिया अस्पताल के प्रतिनिधिमंडल के साथ उनकी बातचीत संतोषजनक रही है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल की घटना की जांच कराई जाएगी।
उन्होंने संकेत दिया कि जांच में यदि पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वे खुद प्रदर्शनकारी छात्रों से मिलने जाएंगे।
उन्होंने बताया कि शाम को एक बार फिर बैठक होगी, जिसमें सकारात्मक निर्णय लेने का प्रयास किया जाएगा। वहीं इंटर्न डॉक्टरों की प्रमुख मांग स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दुबई दौरे से लौटने के बाद अंतिम निर्णय लिए जाने की बात कही गई है।
लिखित आदेश पर अड़े इंटर्न्स
दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी MBBS इंटर्न्स अभी आंदोलन खत्म करने के मूड में नहीं हैं। छात्रों ने स्वास्थ्य मंत्री से मिलने के लिए खुद जाने से इनकार करते हुए कहा कि सरकार और वरिष्ठ अधिकारियों को धरना स्थल पर आकर उनसे बातचीत करनी होगी।
कमला पार्क रोड पर धरने पर बैठे इंटर्न्स का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को लेकर लिखित आदेश नहीं मिलता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग के साथ अब पुलिस लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी आंदोलन का हिस्सा बन गई है।
इंटर्न्स के धरने के कारण राजधानी के इस हिस्से में यातायात भी प्रभावित होने की बात सामने आई है।
ग्वालियर में 200 से ज्यादा इंटर्न्स का प्रदर्शन
भोपाल की घटना का असर प्रदेश के दूसरे शहरों में भी देखने को मिल रहा है। ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल परिसर में 200 से अधिक इंटर्न डॉक्टर धरने पर बैठ गए हैं।
इंटर्न्स के समर्थन में जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JUDA) और पीजी डॉक्टर भी प्रदर्शन में शामिल हुए हैं। डॉक्टरों ने भोपाल में हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए स्टाइपेंड बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग रखी है।
हड़ताल के चलते ग्वालियर में इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर OPD समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की बात कही गई है।
इंदौर के डॉक्टर संगठनों ने दी प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
इंदौर में भी इंटर्न डॉक्टरों और एसोसिएशन ऑफ मेडिकल ऑफिसर्स मेडिकल एजुकेशन ने भोपाल की घटना का विरोध किया है।
डॉक्टर संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र भेजकर आरोप लगाया कि छात्र पिछले दो महीनों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। उनका कहना है कि जब सुनवाई नहीं हुई और छात्र मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले, तब उनके खिलाफ बल प्रयोग किया गया।
इंदौर के डॉक्टर संगठनों ने लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अधिकारियों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जा सकता है।
फिलहाल सरकार की ओर से जांच और बातचीत का भरोसा दिए जाने के बाद भी इंटर्न डॉक्टर लिखित आदेश की मांग पर अड़े हुए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में स्टाइपेंड और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार के फैसले पर सभी की नजर रहेगी।