भोपाल: मध्य प्रदेश पुलिस को जल्द ही नया मुखिया मिलने वाला है। मौजूदा पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाणा 30 नवंबर 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य सरकार ने नए डीजीपी के चयन के लिए 12 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेजे हैं। आयोग की बैठक अब 20 नवंबर को दिल्ली में निर्धारित बताई जा रही है। इस बैठक में तीन अधिकारियों का पैनल तैयार किया जाएगा।

DGP की दौड़ में तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नाम
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नए पुलिस महानिदेशक की दौड़ में तीन नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं:
- प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव: वर्तमान में डीजी होमगार्ड के पद पर पदस्थ हैं।
- वरुण कपूर: डीजी जेल के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
- उपेंद्र जैन: डीजी आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) के पद पर कार्यरत हैं।
UPSC वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड और निर्धारित पात्रता के आधार पर तीन अधिकारियों का पैनल राज्य सरकार को भेजेगा। इसके बाद सरकार पैनल में शामिल नामों में से किसी एक को प्रदेश का नया डीजीपी नियुक्त करेगी। फिलहाल किसी भी अधिकारी के नाम पर अंतिम मुहर नहीं लगी है।
प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के नाम पर लगी मुहर तो बनेगा इतिहास
यदि प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव को मध्य प्रदेश का नया पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया जाता है, तो वे प्रदेश की पहली महिला डीजीपी बनेंगी। उनके नाम की चर्चा के बीच इस नियुक्ति को लेकर विशेष उत्सुकता बनी हुई है।
हालांकि, उनकी नियुक्ति को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अंतिम फैसला UPSC के पैनल और राज्य सरकार की चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
वरुण कपूर और उपेंद्र जैन भी मजबूत दावेदार
वरुण कपूर: डीजी जेल के पद पर कार्यरत वरुण कपूर वरिष्ठता के लिहाज से प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। उनकी सेवानिवृत्ति मई 2027 में निर्धारित है। नए डीजीपी के चयन में उनकी वरिष्ठता और सेवा अवधि अहम मानी जा रही है।
उपेंद्र जैन: डीजी ईओडब्ल्यू के रूप में कार्यरत उपेंद्र जैन का नाम भी प्रमुखता से चर्चा में है। आर्थिक अपराधों की जांच से जुड़े विभाग में उनका अनुभव उनकी दावेदारी के पक्ष में माना जा रहा है। उनका रिटायरमेंट अगस्त 2027 में होना है।
20 नवंबर की बैठक के बाद आगे बढ़ेगी चयन प्रक्रिया
UPSC की 20 नवंबर को होने वाली बैठक में 12 अधिकारियों के नामों पर विचार कर तीन नामों का पैनल तैयार किया जाएगा। इसके बाद राज्य सरकार अंतिम चयन करेगी। कैलाश मकवाणा 30 नवंबर को सेवानिवृत्त होंगे, ऐसे में प्रदेश के नए पुलिस प्रमुख की नियुक्ति पर सबकी नजरें टिकी हैं।