September 13, 2026

MP High Court: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश के हजारों सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने प्रोबेशन पीरियड के दौरान नवनियुक्त कर्मचारियों को 70%, 80% और 90% वेतन देने की व्यवस्था को निरस्त कर दिया है। अदालत के फैसले के बाद 25 नवंबर 2019 के बाद नियुक्त संबंधित शासकीय कर्मचारियों को प्रोबेशन अवधि में भी नियमानुसार पूरा वेतन मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

‘काम पूरा, तो वेतन कम क्यों?’

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि किसी कर्मचारी से उसके पद के अनुरूप पूरा काम लिया जा रहा है, तो उसे निर्धारित वेतनमान से कम वेतन देना उचित नहीं है।

अदालत ने राज्य सरकार की इस व्यवस्था को कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण माना और उनके वेतन संबंधी अधिकारों के अनुरूप नहीं पाया। कोर्ट के फैसले से लंबे समय से कम वेतन पर काम कर रहे नवनियुक्त कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

25 नवंबर 2019 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को राहत

यह मामला मुख्य रूप से वर्ग-3 और वर्ग-4 के शासकीय कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़ा था। 25 नवंबर 2019 से लागू व्यवस्था के तहत प्रोबेशन अवधि के दौरान कर्मचारियों को क्रमशः कम वेतन दिया जा रहा था।

इस व्यवस्था के अनुसार पहले वर्ष 70 प्रतिशत, दूसरे वर्ष 80 प्रतिशत और तीसरे वर्ष 90 प्रतिशत वेतन दिए जाने का प्रावधान था। इसके चलते नियुक्ति के शुरुआती वर्षों में कर्मचारियों को अपने पद के निर्धारित वेतनमान की तुलना में कम भुगतान मिल रहा था।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद इस व्यवस्था को निरस्त किए जाने से प्रभावित कर्मचारियों को अब पूर्ण वेतनमान का लाभ मिलने की उम्मीद है।

हजारों कर्मचारियों और शिक्षक वर्ग को फायदा

फैसले का असर 2019 के बाद नियुक्त हुए बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों पर पड़ सकता है। खास तौर पर वर्ग-3, वर्ग-4 और शिक्षक वर्ग के कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिलने की संभावना है।

कर्मचारी संगठनों और नवनियुक्त कर्मचारियों में फैसले को लेकर उत्साह है। हालांकि, वास्तविक आर्थिक लाभ, एरियर और भुगतान की प्रक्रिया राज्य सरकार के आदेश/कार्यान्वयन पर निर्भर करेगी।

सरकार को करना होगा फैसले का पालन

हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब राज्य सरकार को संबंधित कर्मचारियों के वेतन निर्धारण और भुगतान को लेकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इससे प्रोबेशन के दौरान कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए पूर्ण वेतनमान का रास्ता खुल गया है।

फैसले का सबसे बड़ा असर: 25 नवंबर 2019 के बाद नियुक्त संबंधित कर्मचारियों के लिए प्रोबेशन अवधि में 70-80-90 प्रतिशत वेतन वाली व्यवस्था खत्म होने से उन्हें निर्धारित वेतनमान के अनुसार भुगतान का लाभ मिल सकेगा।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *