शिवपुरी। मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने रविवार को शिवपुरी में राहुल गांधी के EVM और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भाजपा पर लगाए जा रहे आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। सोन चिरैया होटल में आयोजित ब्राह्मण समाज के प्रतिभा एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए मिश्रा ने राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोपों को खारिज करते हुए उनसे देश की जनता से माफी मांगने की बात कही।

मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी कभी हाइड्रोजन बम तो कभी सुतली बम फोड़ने की बात करते हैं। उन्होंने दावा किया कि EVM से वोट चोरी नहीं हो रही, बल्कि जनता ने चोरों को वोट देना बंद कर दिया है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में राहुल गांधी और भाजपा के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।
ब्राह्मण समाज के प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिल
डॉ. नरोत्तम मिश्रा शिवपुरी के सोन चिरैया होटल में आयोजित ब्राह्मण समाज के प्रतिभा एवं सम्मान समारोह में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित किया और कार्यक्रम में सहभागिता की।
समारोह के दौरान उनके राजनीतिक बयान भी चर्चा का विषय बने। राहुल गांधी के EVM और SIR से जुड़े आरोपों पर मिश्रा ने भाजपा का पक्ष रखते हुए कांग्रेस नेता पर निशाना साधा।
‘वोट चोरी’ के आरोपों पर राहुल गांधी को घेरा
राहुल गांधी द्वारा EVM और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि देश में वोट चोरी नहीं हो रही है। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक बयानबाजी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जनता ने चोरों को वोट देना बंद कर दिया है।
मिश्रा ने राहुल गांधी से अपने आरोपों को लेकर देश से माफी मांगने की बात भी कही। हालांकि, EVM और SIR को लेकर कांग्रेस तथा भाजपा के बीच राजनीतिक बहस जारी है और दोनों पक्ष इस मुद्दे पर अलग-अलग दावे कर रहे हैं।
चुनावी हार के बाद नरोत्तम मिश्रा की सक्रियता पर चर्चा
नरोत्तम मिश्रा की शिवपुरी में बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों को उनके पिछले चुनावी घटनाक्रम से जोड़कर भी देखा जा रहा है। वर्ष 2023 के दतिया विधानसभा चुनाव में हार के बाद उनकी राजनीतिक भूमिका चर्चा में रही है। इसके बाद दतिया विधानसभा उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने के संदर्भ में भी उनकी सक्रियता को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
ब्राह्मण समाज के कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी और मंच से दिए जा रहे राजनीतिक बयानों के बीच यह चर्चा हो रही है कि क्या मिश्रा समाज के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि, ब्राह्मण समाज के बीच उनकी सक्रियता को किसी खास राजनीतिक रणनीति से जोड़ने के संबंध में कोई स्पष्ट पुष्टि सामने नहीं है। ऐसे में उनकी हालिया गतिविधियों को लेकर लगाए जा रहे कयासों को राजनीतिक विश्लेषण के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
क्या ब्राह्मण समाज के बीच मजबूत हो रही है सियासी जमीन?
शिवपुरी के कार्यक्रम में सम्मान समारोह के साथ राजनीतिक बयानबाजी ने नरोत्तम मिश्रा की सक्रियता को फिर चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि आने वाले समय में उनकी राजनीतिक गतिविधियां किस दिशा में आगे बढ़ती हैं और मध्यप्रदेश की राजनीति में उनकी भूमिका किस तरह आकार लेती है।