नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने दिल्ली के दक्षिणी हिस्से में पांच मंजिला PG हॉस्टल ढहने से हुई मौतों, मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों और बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने तथा उत्तर प्रदेश-बिहार में बाढ़ से हुई तबाही पर दुख जताया है।
मायावती ने सोमवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इन घटनाओं को लेकर चिंता जताई और कहा कि अलग-अलग राज्यों में सामने आ रही ऐसी घटनाएं शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

शासन-प्रशासन पर उठाए सवाल
मायावती ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि शासन और प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि जनहित और जनकल्याण से जुड़े मामलों में सरकारों को अधिक चुस्त-दुरुस्त और जवाबदेह होने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को समय रहते जरूरी कदम उठाने चाहिए, ताकि लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और ऐसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
अधिकारियों की लापरवाही पर सख्ती की मांग
बसपा प्रमुख ने अधिकारियों की कथित लापरवाही, उदासीनता और भ्रष्टाचार पर भी सख्ती से लगाम लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकारों को ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
मायावती ने जोर दिया कि आम लोगों की सुरक्षा और जनकल्याण से जुड़े मामलों में प्रशासनिक स्तर पर किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
दिल्ली से सागर और बाढ़ तक कई घटनाओं का किया जिक्र
मायावती ने एक ही बयान में दिल्ली के हॉस्टल हादसे, सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों और उत्तर प्रदेश-बिहार में बाढ़ से हुई तबाही का उल्लेख किया। उन्होंने इन घटनाओं को लेकर प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए सरकारों से राहत, सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत बताई।
उनकी प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब अलग-अलग राज्यों में इन घटनाओं को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था और जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।