September 13, 2026

रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर सियासत तेज हो गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्मार्ट मीटर की रीडिंग और बिजली बिल को लेकर राज्य सरकार तथा बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों और कथित गड़बड़ियों के दस्तावेज सौंपने का दावा किया है।

महंत का आरोप है कि कई बंद घरों में भी बिजली की खपत वाली यूनिट लगातार बढ़ रही है। उन्होंने इसे सामान्य तकनीकी त्रुटि मानने से इनकार करते हुए स्मार्ट मीटर के सॉफ्टवेयर और प्रोग्रामिंग पर सवाल उठाए हैं।

‘स्मार्ट मीटर लगने के बाद 2 से 4 गुना बढ़े बिल’

नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों और नगरीय निकायों में तेजी से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल 2 से 4 गुना तक बढ़ने की शिकायतें सामने आई हैं।

महंत ने कहा कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने लिखित शिकायतों के साथ अपने दावों के समर्थन में साक्ष्य भी दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ उपभोक्ताओं ने घर के सभी बिजली उपकरण बंद रखने के बावजूद मीटर की रीडिंग बढ़ने के वीडियो और अन्य प्रमाण उपलब्ध कराए हैं।

‘जनता की जेब पर डाका’

डॉ. चरणदास महंत ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए इसे ‘जनता की जेब पर खुला डाका’ बताया। उन्होंने कहा कि महंगाई और बिजली दरों के बोझ से पहले से परेशान गरीब, किसान और मध्यम वर्ग पर कथित तौर पर बढ़े हुए बिजली बिल का अतिरिक्त भार डाला जा रहा है।

उन्होंने बिजली विभाग के स्थानीय अधिकारियों पर भी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। महंत के मुताबिक, पीड़ित उपभोक्ता जब शिकायत लेकर विभागीय कार्यालय पहुंचते हैं तो कई मामलों में उन्हें उचित समाधान नहीं मिलता।

‘स्मार्ट मीटर की गड़बड़ी पर सरकार तत्काल कार्रवाई करे’

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से स्मार्ट मीटर को लेकर सामने आ रही शिकायतों की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का तकनीकी परीक्षण कराया जाना चाहिए और यदि कहीं गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

सड़क से विधानसभा तक आंदोलन की चेतावनी

डॉ. चरणदास महंत ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने टेस्टिंग शुल्क समाप्त करने और स्मार्ट मीटर से जुड़ी कथित गड़बड़ियों पर तत्काल रोक लगाने के लिए कदम नहीं उठाए तो कांग्रेस आंदोलन करेगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के साथ मिलकर बिजली कार्यालयों का घेराव करेगी और जरूरत पड़ने पर सड़क से लेकर विधानसभा तक आंदोलन किया जाएगा।

हालांकि, स्मार्ट मीटर में सॉफ्टवेयर स्तर पर फर्जीवाड़े और बढ़े हुए बिजली बिल से जुड़े महंत के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस सामग्री में नहीं है। मामले में बिजली विभाग और राज्य सरकार का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।

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